भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस में जिला कार्यकारिणियों के गठन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रतलाम के दो निष्कासित कांग्रेस कार्यकर्ता गौरव पोरवाल और संजय रावल करीब 300 किलोमीटर पैदल चलकर आठ दिन में भोपाल पहुंचे और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) के बाहर धरने पर बैठ गए।दोनों कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रतलाम जिला कांग्रेस कमेटी में एक ही व्यक्ति को तीन-तीन और चार-चार पद दिए गए। उन्होंने सोशल मीडिया और पार्टी नेताओं के सामने इसका विरोध किया, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उनका कहना है कि उन्होंने संगठन के हित में आवाज उठाई थी, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय कार्रवाई कर दी गई।
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का दावा है कि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। उनका कहना है कि वे पार्टी का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि संगठन में पारदर्शिता और कार्यकर्ताओं के सम्मान की मांग कर रहे हैं।दोनों नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे भोपाल से पैदल दिल्ली तक मार्च करेंगे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपना पक्ष रखेंगे। इस घटनाक्रम ने प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी और गुटबाजी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
