
भोपाल। जिला अदालत ने षडयंत्र पूर्वक पद का दुरूप्रयोग कर भ्रष्टाचार करने वाले आरोपी अधिकारियों को मंगलवार को सजा सुनाई है. विशेष लोक अभियोजक हेमलता कुशवाह ने मामले में पैरवी की.
हेमलता कुशवाह ने बताया कि विशेष न्यायालय मनोज कुमार सिंह, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के द्वारा जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारीगण जिनमें विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, विनोद कुमाद देवल प्रबधंक सहकारिता निरीक्षक, एपीएस कुशवाह और क्रेता परमजीत बैदी को दोष सिद्ध पाया. आरोपियों को अदालत ने 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000-1000 अर्थदण्ड (प्रत्येक आरोपी को) सुनाया है.
साल 2002 में ग्राम पडरिया जार तहसील हुजूर जिला भोपाल के कृषक हरि सिंह ने अपनी कृषि भूमि मे बंधक रख 18,000 रू का लोन पंप एवं थृसर के लिये लिया था. आरोपीगण द्वारा कृषक की 5 एकड भूमि दिनांक 16 फरवरी 2002 को मात्र 40 हजार रूपये मे परमजीत बैदी को नीलामी प्रकिया का उल्लघंन कर कृषि भूमि बाजार मूल्य एवं कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य से अत्याधिक कम मूल्यो पर अवैधानिक रूप से नियम के विरूद्ध नीलामी कार्यवाही कर धोखाधाडी कर अपने पद का दुरूप्रयोग करते हुए नीलामी संबंधित नोटशीट के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पुष्टि के लिए संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाऐ भोपाल को भेजा गया, जहां उनके द्वारा अवैधानिक रूप से नीलामी की पुष्टि आदेश पारित किया गया. आरोपीगण द्वारा योजना बनाकर 23 भूमि को नीलामी के माध्यम से परमजीत बैदी द्वारा ही क्रय कराई जाती थी. मामले में लिखित सूचना के आधार पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा जॉच कर अपराध पंजीबद्ध किया गया.
