
छतरपुर। जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। निर्माणाधीन पुल के पास तेज रफ्तार अज्ञात बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि उनके साथ बैठा एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। घायल युवक का आरोप है कि उसने घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे आरोपी ने सबूत मिटाने की नीयत से छीन लिया। घटना के विरोध में सोमवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा इंतजामों की भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।
जानकारी के अनुसार बड़ेरापुरा निवासी रामकृपाल सेन (60) अपने बेटे संदीप सेन (32) और गांव के हेमंत कुशवाहा (19) के साथ छतरपुर शहर के एक होटल में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आए थे। देर रात करीब 11 बजे तीनों एक ही बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। जब वे हमा गांव के पास निर्माणाधीन ब्रिज के समीप पहुंचे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर दूर जा गिरे।
हादसे में रामकृपाल सेन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल संदीप सेन को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। तीसरे युवक हेमंत कुशवाहा का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घायल हेमंत ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उसने अपने मोबाइल से घटनास्थल और बोलेरो का वीडियो बनाने की कोशिश की थी। इसी दौरान वाहन चालक उसके पास आया, मोबाइल छीन लिया और मौके से फरार हो गया, जिससे घटना के महत्वपूर्ण सबूत भी उसके साथ चले गए। हालांकि पुलिस को घटनास्थल से बोलेरो के टूटे हुए कुछ हिस्से मिले हैं, जिनके आधार पर वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
सोमवार सुबह हादसे की खबर फैलते ही हमा गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि संबंधित निर्माण एजेंसी एमकेसी कंपनी द्वारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन वहां न तो बैरिकेड लगाए गए हैं और न ही किसी प्रकार के चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं। उनका आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है।
जाम की सूचना मिलते ही सीएसपी, कोतवाली पुलिस सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि फरार वाहन चालक की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस निर्माण एजेंसी की लापरवाही के पहलू की भी जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
