उलानबटोर, 10 अप्रैल (वार्ता) भारतीय पहलवान विश्वनाथ सुरेश ने एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 में पुरुषों के 50 किग्रा भार वर्ग में जापान के दाइची इवाई को 5-0 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसी के साथ भारत ने पांच स्वर्ण पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया।
सचिन (60 किलोग्राम) भार वर्ग में भी कड़ी टक्कर देते हुए रजत पदक जीता। चैंपियनशिप में भारत पांच स्वर्ण पदकों, कजाकिस्तान से एक कम, के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि भारत ने कुल मिलाकर सबसे अधिक 16 पदक जीते। इस प्रदर्शन की मुख्य बात भारतीय महिला टीम का ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा। उन्होंने 10 पदक (चार स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य) के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, “यह भारतीय मुक्केबाजी और हमारी महिला मुक्केबाज़ों के लिए एक शानदार अभियान रहा है, जिन्होंने चार स्वर्ण पदक के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है। हमारी पुरुष टीम ने भी एक बार फिर प्रभावशाली प्रदर्शन किया, खासकर युवा विश्वनाथ ने अपने स्वर्ण पदक के साथ; उनका प्रदर्शन हमारी प्रतिभा-खोज प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है। सबसे खास बात यह है कि नई प्रतिभाओं की एक बड़ी खेप सामने आ रही है—पिछली विश्व चैंपियनशिप के बाद टीम में बदलावों के बावजूद, इस टीम ने महाद्वीप के कुछ सबसे मजबूत मुक्केबाज़ों के खिलाफ खिताब जीतकर जबरदस्त हौसला और क्षमता दिखाई है। हम उभरती हुई प्रतिभाओं की एक नई लहर देख रहे हैं, और कई मेडल के दावेदार बड़े मंच पर अपनी जगह बना रहे हैं, जो भारतीय मुक्केबाजी के भविष्य के लिए बहुत ही शुभ संकेत है।”
महिला टीम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों में मीनाक्षी (48 किलोग्राम), प्रीति (54 किलोग्राम), प्रिया (60 किलोग्राम) और अरुंधति (70 किलोग्राम) शामिल थीं; इन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अलग-अलग श्रेणियों में अपना दबदबा साबित किया। टीम को जैस्मीन (57 किग्रा) और अल्फियान पठान (80 किग्रा) से भी ज़बरदस्त योगदान मिला, जिन्होंने रजत पदक हासिल किए; इनके साथ ही चार खिलाड़ियों ने कांस्य पदक भी जीते, जिससे यह साबित होता है कि भारत ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।

