जबलपुर: 1 करोड़ 43 लाख रूपये का ऋण लेने खोवा मण्डी स्थित केनरा बैंक में गिरवी रखे गए प्लाट में निर्मित भवन का एक हिस्सा बैंक की अनुमति के बिना धोखे से बेचकर घपला किया। मामले मेें आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर (ईओडब्ल्यू) ने बैंक के साथ धोखाधड़ी करने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है ।जानकारी के मुताबिक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मे रामेश्वर दयाल शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, केनरा बैंक जबलपुर के द्वारा शिकायत की गयी कि इसरार खान पिता स्व. अब्दुल गफफार खान, प्रोपराइटर जी. के. मेडीकोज निवासी मेन रोड तिलक वार्ड बड़ी ओमती घण्टाघर नया मोहल्ला जय प्रकाश नारायण वार्ड के द्वारा केनरा बैंक, शाखा खोवा मण्डी, जबलपुर में अपना प्लाट नंबर 254/7 क्षेत्रफल 1350 वर्गफुट भरतीपुर का गिरवी रखकर कुल 89.22 लाख रूपये का लोन विभिन्न दिनांकों में लिया था। इस दौरान उसके द्वारा गिरवी रखे गये प्लाट का एक हिस्सा 560 वर्गफुट बैंक की अनुमति के बिना धोखे से बेचकर अवैध लाभ प्राप्त किया है जिससे बैंक को आर्थिक क्षति कारित हुई है।
ऐसे किया फर्जीवाडा-
ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया इसरार खान के द्वारा अपना भरतीपुर स्थित प्लाट नं. 254/7 क्षेत्रफल 1350 वर्गफुट को बैंक में गिरवी रखकर सर्वप्रथम 18 लाख का ऋण लिया गया था। इसके उपरांत इसी प्लाट पर उनके द्वारा विभिन्न सी.सी. लिमिट एवं टर्म लोन लिया गया था। 18 लाख रुपये के ऋण की राशि इसरार खान के खाता में जमा हुई थी जिसका उसके द्वारा उपयोग कर लिया गया है। वर्ष 2025 में बैंक ऑडिट के दौरान ऑडिटर के द्वारा ऋणी इसरार खान के द्वारा उक्त अचल सम्पत्ति के मार्डगेज के लिए रखे गये मूल विक्रय पत्र का सत्यापन कराया था।
भार प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया था। इस भार प्रमाण पत्र में पाया गया था कि इसरार खान के द्वारा बैंक में ऋण हेतु मार्डगेज रखे गये भरतीपुर स्थित 1350 वर्गफुट पर कुल 1 करोड़ 43 लाख रूपये के विभिन्न ऋण लिए है परन्तु इसरार खान के द्वारा गिरवी रखे प्लाट पर निर्मित मकान 560 वर्गफुट के एक हिस्से को विक्रय पत्र के माध्यम से मोहम्मद रफीक एवं मोहम्मद आसिफ को विक्रय कर दिया है। इसरार खान के द्वारा अपने भरतीपुर स्थित क्षेत्रफल 1350 वर्गफुट पर कुल 1 करोड़ 43 लाख रूपये के विभिन्न ऋण लिए है परन्तु इसरार खान के द्वारा बैंक में गिरवी रखे प्लाट पर निर्मित मकान का एक हिस्सा 560 वर्गफुट को विक्रय पत्र के माध्यम से मोहम्मद रफीक एवं मोहम्मद आसिफ को हस्तांतरित कर बैंक से धोखाधड़ी की गई है
