इंदौर: खुड़ैल थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार का खौफनाक नजारा सामने आया, जहां एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे मिट्टी के ढेर से टकराई और हवा में उछलकर कई बार पलटते हुए बसों पर जा गिरी. इस भीषण हादसे में 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई. पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.खुड़ैल थाना प्रभारी करणी सिंह शक्तावत ने बताया कि देवगुराड़िया स्थित विनायक टाउनशिप में रहने वाले 16 वर्षीय सुशांत पिता भरत चौहान की इस दुर्घटना में जान चली गई, वह 9वीं कक्षा का छात्र था. घटना के समय वह अपने दोस्त के साथ कार में सवार था. मृतक के चाचा शुभम चौहान ने पुलिस को बताया कि सुशांत का दोस्त अपने जीजा की कार लेकर घर आया था.
इसके बाद वह सुशांत को साथ लेकर इंडेक्स कॉलेज में अपनी महिला मित्रों से मिलने गया था. प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के ढाबा संचालकों का कहना है कि कार की रफ्तार करीब 120 किमी प्रतिघंटा से अधिक थी. बताया जा रहा है कि कार चला रहे किशोर को ठीक से ड्राइविंग नहीं आती थी, जिसके कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. कार की रफ्तार और दुर्घटना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है. साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
5 सेकंड में घटा खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इंडेक्स कॉलेज के पास अचानक सामने ट्रैफिक और बस दिखने पर चालक घबरा गया. घबराहट में उसने हैंड ब्रेक और पैर वाले ब्रेक एक साथ लगा दिए. इससे कार के टायर घिसटते हुए इंडेक्स पेट्रोल पंप से कॉलेज की पार्किंग के बीच बने मिट्टी के ढेर पर चढ़ गए और कार जोरदार तरीके से हवा में उछल गई. कार करीब 5 सेकंड तक हवा में रही और तीन बार पलटी खाते हुए आगे बढ़ी. इसके बाद वह ठहरिए के स्टॉप के पास जाकर पार्किंग में खड़ी दो बसों पर गिर गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बसों के कांच चकनाचूर हो गए, जबकि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसका कोई हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा. हादसे में सुशांत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चला रहा उसका दोस्त सामान्य बताया जा रहा है.
परिवार ने उठाई कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश है. चाचा शुभम चौहान का कहना है कि वे चालक के साथ-साथ वाहन मालिक और चालक के पिता के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करेंगे. उनका कहना है कि बिना लाइसेंस और अनुभव के किशोर को कार देना गंभीर लापरवाही है. सख्त कार्रवाई से ही ऐसे मामलों में रोक लग सकेगी. सुशांत के परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है
