हैदराबाद | फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के बाहर होने और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके खिलाफ जारी असहयोग निर्देश ने फिल्म जगत में बहस छेड़ दी है। इस विवाद में अब मशहूर निर्माता राम गोपाल वर्मा ने रणवीर सिंह का समर्थन किया है। उन्होंने FWICE के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘शक्ति प्रदर्शन’ और ‘मजाक’ करार दिया है। वर्मा का मानना है कि यह संस्था न्यायिक निकाय नहीं, बल्कि एक दिखावटी अदालत की तरह काम कर रही है।
राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विवाद केवल दो पक्षों के बीच एक निजी कॉन्ट्रैक्ट का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग रणवीर सिंह की अपार सफलता से डरे हुए हैं और इसी वजह से इस तरह की साजिशें रची जा रही हैं। वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म उद्योग के लाखों मजदूरों की आजीविका किसी एक अभिनेता या फिल्म पर निर्भर नहीं होती, इसलिए FWICE का दावा भ्रामक है।
निर्माता ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नुकसान हुआ है, तो उसे साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य सामने आने चाहिए। उन्होंने चुनौती दी कि बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया या निष्पक्ष जांच के किसी को दोषी ठहराना पूरी तरह से गलत है। वर्मा के अनुसार, यह मामला दीवानी अदालतों में सुलझाया जाना चाहिए न कि किसी यूनियन के दबाव में। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को FWICE के लिए एक बड़ी ‘जनसंपर्क आपदा’ बताया है, जो उनकी घटती प्रासंगिकता को दर्शाता है।

