कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में किये हवाई हमले

इस्लामाबाद/काबुल, 29 जून (वार्ता) पाकिस्तान के कराची शहर में रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले किये हैं।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोमवार को दावा किया कि इस अभियान में 25 आतंकवादी मारे गये है । अफगानिस्तान के अनुसार इन हमलों में 36 नागरिक मारे गये हैं। पाकिस्तान के अनुसार यह कार्रवाई उस समूह के खिलाफ की गयी, जिसे वह कराची में सप्ताहांत में हुए घातक हमले के लिए जिम्मेदार मानता है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार लगातार इस बात से इनकार करती रही है कि आतंकवादी समूह उसकी सरजमीं का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पाकिस्तान ने कहा कि जमीनी अभियान के बाद रविवार रात पूर्वी अफगानिस्तान में “सटीक हवाई हमले” किये गये। इस्लामाबाद के अनुसार इन हमलों का निशाना पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) से अलग हुआ संगठन जमात-उल-अहरार था।

श्री तरार ने कहा, “पक्तिया, पक्तिका और कुनार में स्थित तीन ठिकानों को सटीक हवाई हमलों में नष्ट कर दिया गया।” उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान केवल संगठन के ठिकानों और सुरक्षित ठिकानों को निशाना बनाकर चलाया गया। दूसरी ओर, काबुल स्थित तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि तीनों पूर्वी प्रांतों में हुए हवाई हमले मुख्य रूप से नागरिक क्षेत्रों पर किये गये, जिनमें 36 लोगों की मौत हो गई और 163 अन्य घायल हो गये।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे “कायरतापूर्ण आक्रामकता” बताया। अफगान अधिकारियों ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी सरजमीं पर आतंकवादी संगठनों को पनाह नहीं दी जाती।

दोनों देशों के बीच यह ताजा सैन्य तनाव वर्ष 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से लगातार बिगड़ते संबंधों की कड़ी माना जा रहा है। इससे पहले फरवरी में दोनों देशों के बीच कई सप्ताह तक संघर्ष चला था। यह तनाव शनिवार को कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के शिविर पर हुए बड़े हमले के बाद बढ़ा। हमलावरों ने विस्फोट करने के बाद अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें रेंजर्स के तीन जवान मारे गए थे। पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस मामले में एक अफगान नागरिक को हिरासत में लिया है, जिस पर हमले में शामिल होने का संदेह है।

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में की गई सीमा पार सैन्य कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ अपनी आंतरिक सुरक्षा जरूरत बताते हुए उसका बचाव किया है। दोनों देशों ने मार्च में युद्धविराम पर सहमति जताई थी, लेकिन उसके बाद भी बीच-बीच में हिंसक घटनाएं होती रही हैं। अफगान अधिकारियों के अनुसार जून महीने में पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों में 13 लोगों की मौत हुई थी।

 

 

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