जबलपुर: रांझी थाना अंतर्गत शारदा नगर में रहने वाले पुलिस विभाग से रिटायर्ड एएसआई को बीमारी से तड़प रही पत्नी के इलाज के लिए गूगल से डॉक्टर का नंबर निकालना भारी पड़ गया। वे जालसाज के चंगुल में फंस गए। शातिर ठग ने सिर्फ एक ओटीपी हासिल कर खाते से 2,99,997 रुपये उड़ा दिए।पुलिस के अनुसार, रांझी के शारदा नगर निवासी श्याम सुंदर झारिया (64) 6वीं बटालियन रांझी से एएसआई के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बीते 18 मई को उनकी पत्नी अनीता बाई झारिया की तबीयत अचानक काफी खराब हो गई।
घबराहट में पीडि़त श्याम सुंदर ने तत्काल डॉक्टर का पता लगाने के लिए गूगल पर सर्च किया। वहां उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। पीडि़त ने अपने मोबाइल नंबर से उस पर कॉल किया और डॉक्टर से अपॉइंटमेंट दिलाने की बात कही। फोन रिसीव करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने अपना नाम सुनील शर्मा बताया। उसने कहा कि डॉक्टर साहब बहुत व्यस्त रहते हैं, इसलिए पहले आपको व्हाट्सएप पर अपना आधार कार्ड भेजना होगा। पीडि़त ने भरोसा करके फोटो भेज दी। इसके बाद आरोपी ने कहा कि ऑनलाइन पर्ची कटेगी, जिसके लिए इसी नंबर पर 5 रुपये भेज दो और तुरंत वीडियो कॉल करो।
चेहरा छुपाकर वीडियो कॉल, ओटीपी मिलते ही कॉल काटा-
पीडि़त ने जैसे ही वीडियो कॉल किया, शातिर ठग ने अपना कैमरा बंद रखा चेहरा नहीं दिखाया और केवल आवाज के जरिए निर्देश देने लगा। उसने कहा कि आपके मोबाइल पर एक सरकारी वेरिफिकेशन कोड आया है, उसे तुरंत बताएं। अपनी पत्नी की खराब हालत से परेशान रिटायर्ड एएसआई ठग की चालाकी भांप नहीं पाए और उन्होंने ओटीपी बता दिया। ओटीपी मिलते ही आरोपी ने फोन काट दिया।
पीडि़त को अंदेशा नहीं था कि उनके साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी हो चुकी है। बाद में जब उनके खाते में पेंशन आई, तो वे पासबुक एंट्री कराने भारतीय स्टेट बैंक की रांझी मुख्य मार्ग शाखा पहुंचे। वहां बैंक स्टेटमेंट देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अज्ञात ठग ने यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में उनकी रकम ट्रांसफर कर ली थी। कुल 2,99,997 रूपए खाते से निकाल लिए गए थे । पुलिस ने रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है
