इंदौर: शहर को स्वच्छता में देशभर में पहचान दिलाने के दावों के बीच हकीकत यह है कि कई कॉलोनियों की बैक लाइनें आज भी गंदगी, जाम सीवरेज और कचरे के ढेर से लबरेज हैं. जिम्मेदारों की अनदेखी से रहवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं.स्वच्छता के बड़े-बड़े दावों के बीच वार्ड क्रमांक 70 के पंचमूर्ति नगर की तस्वीर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है. राज मोहल्ला से लगे इस क्षेत्र की बैक लाइनें महीनों से सफाई का इंतजार कर रही हैं. यहां कचरे के ढेर लगे हैं, जिनसे उठने वाली दुर्गंध के बीच मच्छर मक्खियां और अन्य हानिकारक जीव-जंतु तेजी से पनप रहे हैं.
इससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि बैक लाइन की सीवरेज लाइनें और चैंबर पूरी तरह जाम हैं गंदा पानी बैक लाइन से बहकर सड़कों तक पहुंच रहा है, जबकि कई घरों में सीवरेज का गंदा पानी रिवर्स होकर अंदर आने लगा है. बताया जाता है कि निगम सफाईकर्मी कई-कई महीनों तक बैक लाइन की सफाई करने नहीं आते. अनेक बार शिकायत दर्ज कराईं, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है. रहवासियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल बैक लाइन की सफाई कराने और नियमित मॉनिटरिंग की मांग की है, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके.
यह बोले रहवासी…
घरों के पीछे की बैक लाइन पूरी तरह से भरी पड़ी है. सीवरेज लाइन और चैंबर पूरी तरह से चौक हैं. साल-दो साल में कभी एक-आध बार सफाई करने आ जाते हैं.
– संजय मेहता
सालों हो चुके हैं, बेक लाइन से उठने वाली समस्याओं से सभी लोग परेशान हो चुके हैं. लोगों ने कई बार शिकायत भी की, लेकिन कोई भी जिम्मेदार पूछने तक नहीं आया.
– रेखा राठौड़
एक वर्ष हो चुका है, सफाई नहीं की गई. बैक लाइन की सीवरेज और चेंबर चौक होने से गंदगी घरों में रिवर्स आ रही है. बदबू और मच्छरों से बहुत परेशान हो चुके हैं.
– लीला बाई
