आरईएस घोटाला :भोपाल पहुंची जांच , दोषियों पर आयेगी आंच !

* मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश पर जांच अधिकारी सीईओ जिला पंचायत सीधी ने शासन को भेजा जांच प्रतिवेदन

* जांच प्रतिवेदन में तत्कालीन ईई सहित 9 लोगों के खिलाफ सिद्ध हुए गंभीर दोष

 

आदित्य सिंह

सीधी। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश पर सीधी जिले के आरईएस संभाग सीधी द्वारा कराये गये गुणवत्ता विहीन कार्यों और घोटलों की विभागीय जांचकर्ता अधिकारी सीईओ जिला पंचायत सीधी ने शासन को जांच प्रतिवेदन भेजा है। जांच प्रतिवेदन में तत्कालीन ईई सहित 9 लोगों के खिलाफ गंभीर दोष सिद्ध हुए है। अब सवाल यह है कि आरईएस घोटाला की जांच भोपाल पहुंचने के बाद दोषियों पर आंच आयेगी ?

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक 370/2587560/2025/22/वि–5/स्था./दिनांक 26.03.2025 की विभागीय जाँचकर्ता अधिकारी सीईओ जिला पंचायत सीधी शैलेन्द्र सोलंकी द्वारा शासन को भेजे गये विभागीय जांच प्रतिवेदन में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी हिमांशु तिवारी सहित अन्य 9 कर्मचारियों के खिलाफ अपने पदीय कर्त्तव्यों के निर्वहन में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं, फर्जी माप, गुणवत्ताहीन निर्माण एवं संगठित भ्रष्टाचार कर शासन को करोड़ों रुपयों की क्षति पहुंचाये जाने का उल्लेख करने के साथ भ्रष्टाचार अधिनियम अंतर्गत आपराधिक दुराचरण एवं

म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3(1)(एक)(दो)(तीन) एवं 3(2) का उल्लंघन किये जाने के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत दण्डनीय आपराधिक मामले का भी उल्लेख किया गया है।

यहां बताते चलें कि आरईएस सीधी घोटाले की गूंज राजधानी तक पहुंचने के बाद जांच टीम सीधी आई थी। टीम द्वारा कई सड़कों , बांध और पुल – पुलिया का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य आधे-अधूरे एवं गुणवत्ता विहीन मिले थे। कुछ ऐसी सड़कें थी जो पहली बरसात में ही बहने से आवागमन ठप्प हो गया था। टीम के जांच के बाद तत्कालीन कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी हिमांशु तिवारी सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। घोटाले का साक्ष्य मिटाने के लिए ईई कार्यालय में मौजूद महत्वपूर्ण कागजातों के साथ चेक और एफडी जलाने का मामला भी सामने आया था।

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फोटो: आरईएस सीधी के गुणवत्ता विहीन कार्यों की जांच करते हुए जांच दल के अधिकारी

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आरईएस के घोटाले का विधानसभा में चुरहट विधायक ने लगाया था प्रश्न

 

विधानसभा में

पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल द्वारा आरईएस विभाग के तत्कालीन प्रभारी ईई के भ्रष्टाचार को लेकर विधानसभा में प्रश्न लगाये थे । लगाये गये प्रश्न में कहा गया था कि आरईएस विभाग के ईई द्वारा काफी घटिया निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। जिनमें गुणवत्ता की काफी कमी सामने आ रही है। आरईएस विभाग के चर्चित निर्माण कार्यों की जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिये, जिससे शासन के धन का अपव्यय न हो और होने

वाले निर्माण कार्यों का लाभ लोगों को लम्बे समय तक मिल सकें।

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नवभारत ने जांच दल के सामने प्रमुखता से रखा था मामला

 

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी अन्तर्गत कुसमी, सीधी एवं मझौली जनपद क्षेत्र अन्तर्गत पुल-पुलिया, सड़क और बांध के गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्यों के मामले की पोल जांच करने आये दल के सामने प्रमुखता से रखा गया था।

बाक्स फोटो: खबर की कतरन

 

इनका कहना है

 

मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश पर की गई विभागीय जांच के दौरान जांच अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं कथन के आधार पर तत्कालीन कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी हिमांशु तिवारी सहित 9 लोगों पर गंभीर दोष सिद्ध पाया गया। जिसके आधार पर जांच प्रतिवेदन शासन को भेजे दिया गया है।

 

शैलेन्द्र सोलंकी

विभागीय जांचकर्ता अधिकारी/ सीईओ जिला पंचायत सीधी

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