
दमोह। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दमोह की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।परिवादी के अधिवक्ता श्याम सुंदर विश्वकर्मा ने बताया कि परिवादी रूपेश जैन, निवासी दमोह ने अभियुक्त नमन श्रीवास्तव, निवासी स्टेशन चौराहा, दमोह को 1 लाख रुपए नगद उधार दिए थे।रुपए वापस मांगने पर अभियुक्त ने भुगतान के लिए 1 लाख रुपए का चेक दिया। जब परिवादी ने चेक को बैंक में लगाया तो वह बिना राशि के अनादरित हो गया। इस पर परिवादी द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत माननीय न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया. साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने 20 जुलाई 2020 को आरोपी नमन श्रीवास्तव को दोषी पाते हुए 3 माह का कारावास व 9 प्रतिशत साधारण ब्याज सहित कुल 1,30,000 रुपए की राशि एक माह के भीतर परिवादी को अदा करने का आदेश पारित किया।
