नागपुर, 01 नवंबर (वार्ता) केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में पाँच लाख रोज़गार के अवसर पैदा करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
श्री गडकरी ने नागपुर नगर निगम, टाटा ट्रस्ट के कौशल विकास कार्यक्रम टाटा स्ट्राइव और विदर्भ ग्लोबल फ़ाउंडेशन के साथ साझेदारी में औद्योगिक विकास संघ (एआईडी) की पहल नागपुर कौशल केंद्र के उदघाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस मिशन का उद्देश्य केंद्रित कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि “हमने पाँच वर्षों के भीतर विदर्भ में पाँच लाख रोज़गार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 5,000 युवाओं को नागपुर कौशल केंद्र में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होगा।”
उन्होंने कहा कि यह इस लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यह हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “यह एक बड़ा लक्ष्य है, लेकिन हासिल किया जा सकता है।” उन्होंने नागपुर स्थित मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब और एयरपोर्ट (एमएसएएन ) परियोजना को सफल रोज़गार सृजन का एक उदाहरण बताया, जिससे लगभग एक लाख रोज़गार के अवसर पैदा हुए। श्री गडकरी ने कहा कि विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा, पर्यटन, आतिथ्य, खनन, हथकरघा, हस्तशिल्प और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी रोज़गार सृजन की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्र से ग्रामीण युवाओं के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने का आग्रह किया ताकि रोज़गार की तलाश में शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन कम किया जा सके।
इस मौके पर टाटा स्ट्राइव के मुख्य परिचालन अधिकारी अमेय वंजारी ने कहा कि संगठन युवाओं में रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए उद्योग से जुड़ा प्रशिक्षण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में, टाटा स्ट्राइव ने भारत में 40 केंद्रों में 25 लाख से अधिक शिक्षार्थियों को सहयोग दिया है। नागपुर कौशल केंद्र हमारा 41वां होगा।” उन्होंने कहा कि केंद्र विनिर्माण, विद्युत, सौर ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और बैंकिंग में दो से तीन महीने के अल्पकालिक, क्षेत्र-विशिष्ट पाठ्यक्रम प्रदान करेगा, जिसके बाद नौकरी पर प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहायता भी दी जाएगी। उन्होंने कहा, “हम नागपुर के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल विकसित करने के इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।” एआईडी के अनुसार, नया केंद्र विदर्भ में कुशल कार्यबल तैयार करने और औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
