
उज्जैन। दुनिया भर में प्रयागराज महाकुंभ का उल्लास और उमंग है, यही कारण है कि मोक्ष दायिनी मां शिप्रा में स्नान करने के लिए मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा और प्रत्येक घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
माघ मास कृष्ण पक्ष की मौनी अमावस्या पर शिप्रा नदी के पवित्र घाटों पर श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया ।
रामघाट से लेकर त्रिवेणी घाट और केडी पैलेस स्थित घाट से लेकर प्रत्येक घाट पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब आज उमड़ा है
अमावस्या महापर्व
आज के दिन का विशेष महत्व है यह सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर संक्रमण से पहले महापर्व के रूप में मनाया जाता है।प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है इसलिए इस अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है ।
सिद्धि योग का विशेष संयोग
यह अमावस्या भी 144 साल बाद आई है ।इस बार मौनी ज्योतिष के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और सिद्धि योग का विशेष संयोग बना है।
पुण्य फल प्रदायक स्नान
महाकाल की नगरी में मौनी अमावस्या के इस पावन दिवस का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। इस समय क्षिप्रा स्नान अत्यधिक शुभ माना गया है, जिस तरह अन्य तीर्थ स्थलों पर भी स्नान और कल्पवास करने से पुण्यफल की प्राप्ति संभव है, इस तरह उज्जैन का भी बड़ा महत्व है।
प्रशासन ने बनाई व्यवस्था
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह से लेकर एसपी प्रदीप शर्मा ने अमावस्या पर स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने भी सभी घाट पर श्रद्धालुओं के लिए फ़व्वारे व चेंजिंग रूम की व्यवस्थाएं बनाई है। शाम तक तो 1.5 लाख श्रद्धालु मां क्षिप्रा में डुबकी लगा चुके हैं।
