नैरोबी, 25 जून (वार्ता) केन्या में पिछले साल 25 जून को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गये लोगों की याद में गुरुवार को देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस दौरान राजधानी नैरोबी में आगजनी और पुलिस के आंसू गैस के गोले छोड़ने की खबरें सामने आयी हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, राजधानी नैरोबी के गिथुरई इलाके में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही अलाव जलाकर आग लगा दी, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सोशल मीडिया पर आये वीडियो में सड़क से धुआं और आग की लपटें उठती दिखायी दीं। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षाकर्मियों और दंगा-रोधी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इस बीच सुरक्षा बल सड़क पर लगी आग को बुझाने का प्रयास करते देखे गये। इस हंगामे के कारण इलाके में कुछ सड़कों पर सुबह के समय यातायात बाधित हुआ और आम लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। केन्या के आंतरिक और राष्ट्रीय प्रशासन मामलों के कैबिनेट सचिव किपचुम्बा मुरकोमेन ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए नैरोबी के प्रमुख मार्गों और प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। कैबिनेट सचिव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की तैनाती इसलिए की गयी है, ताकि इस ‘जेन जी प्रदर्शन’ के दौरान न्यूनतम व्यवधान के साथ वैध गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहें। प्रदर्शन से पहले जारी एक सार्वजनिक परामर्श में श्री मुरकोमेन ने कहा कि हर केन्याई नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने, प्रदर्शन करने और याचिका सौंपने का संवैधानिक अधिकार है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कानून के दायरे में रहने तथा सार्वजनिक और निजी संपत्ति का सम्मान करने का आग्रह किया है।

