नयी दिल्ली, 22 जून (वार्ता) दिल्ली प्रो वॉलीबॉल लीग (डीपीवीएल) के ट्रायल्स का अंतिम चरण रविवार को दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित लक्ष्मी पब्लिक स्कूल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इन ट्रायल्स में 20 से अधिक राज्यों से आए 1000 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा, समर्पण और खेल का प्रदर्शन किया। तीनों चरणों के सफल आयोजन के बाद अब डीपीवीएल अपने अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें लीग के उद्घाटन प्रतिभा समूह (इनॉगरल टैलेंट पूल) के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। ट्रायल्स के सफल समापन पर डीपीवीएल की सह-संस्थापक नीति रावत ने कहा, “डीपीवीएल ट्रायल्स को मिली प्रतिक्रिया हमारी अपेक्षाओं से कहीं अधिक रही है। देशभर से आए युवा खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित प्रतिभा और समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक रहा है, जबकि अभी तो यह भारतीय वॉलीबॉल के भविष्य के सितारों की पहचान, उनके विकास और उन्हें आगे बढ़ाने के हमारे मिशन की केवल शुरुआत है।”
डीपीवीएल की सह-संस्थापक जसोदा गुलिया ने कहा, “डीपीवीएल में हम भारत के वॉलीबॉल खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों के लिए एक पेशेवर एवं व्यावसायिक मंच तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रायल्स के सभी चरणों का सफल समापन इस खेल के लिए एक सुनियोजित और मजबूत भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।” चर्चा को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कुलदीप वत्स ने कहा, “युवा वॉलीबॉल खिलाड़ियों द्वारा दिखाया गया उत्साह और प्रतिभा को देखना बेहद शानदार अनुभव है। डीपीवीएल जैसी पहलें उभरती हुई प्रतिभाओं को पेशेवर मंच प्रदान कर खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”
इस अवसर पर शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार के उप शिक्षा निदेशक (खेल) एस. सुनील, दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन के संरक्षक संजीव शर्मा तथा दिल्ली वॉलीबॉल एसोसिएशन के सदस्य कुलबीर सिंह गहलोत, सुमित पंडित और प्रियंक गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा डीपीवीएल ट्रायल्स के अंतिम चरण में भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुके प्रमुख वॉलीबॉल खिलाड़ी विनीत कुमार, प्रिंस मलिक, समीर चौधरी और तनिष्क भी मौजूद रहे। डीपीवीएल चयन समिति ने ट्रायल्स के तीनों चरणों में देखने को मिली प्रतिभा के स्तर पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित कौशल, अनुशासन और उत्साह इस विश्वास को और मजबूत करता है कि डीपीवीएल भारत में वॉलीबॉल की अगली पीढ़ी की प्रतिभाओं की खोज और उनके विकास के लिए एक प्रभावशाली मंच बन सकता है।” डीपीवीएल ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सफल बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान, विशेषज्ञता और समर्पण के लिए चयन समिति के सदस्यों किरणपाल राणा, राजेश दहिया, निर्जला, नीतू वोरा, आनंद सिंह और विपिन त्यागी का भी हार्दिक आभार व्यक्त किया। भारत की पहली महिला-नेतृत्व वाली पेशेवर वॉलीबॉल लीग के रूप में डीपीवीएल केवल खिलाड़ियों को मंच प्रदान नहीं कर रही है, बल्कि यह एक ऐसे आंदोलन का नेतृत्व कर रही है जो दूरदृष्टि, सशक्तिकरण और उत्कृष्टता का उत्सव मनाता है।

