
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों की समस्याओं के समाधान एवं मूलभूत सुविधाओं के विकास को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बीते दिन अधिकारियों के साथ करौंदिया पहुंचकर विस्थापित परिवारों से संवाद किया। अधिकारियों ने पुनर्वास स्थल पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की गई। ग्रामीणों की जरूरतों को देखते हुए एक अतिरिक्त बोरवेल कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीसी रोड, सामुदायिक भवन और देवस्थान निर्माण के लिए स्वीकृत राशि की जानकारी देते हुए संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया गया। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां मुआवजा, बैंक खातों, दस्तावेजों और पुनर्वास से संबंधित शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र परिवार अपने अधिकारों और सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा तथा सभी वास्तविक हितग्राहियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
इसके बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने ग्राम ढोड़न और खरियानी का भ्रमण कर उन ग्रामीणों से भी चर्चा की, जिन्होंने अभी तक अपने मकान खाली नहीं किए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से भविष्य में जलभराव की संभावना को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से नए पुनर्वास स्थल पर स्थानांतरित होने की अपील की।
