
विदिशा। मंगलवार को जनसुनवाई में एक मां अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कलेक्टोरेट पहुंची और कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाते-सुनाते बैग में रखी केरोसिन की केन निकालकर केरोसिन अपने ऊपर डालने की कोशिश करने लगी। इसी दौरान पास खड़े हुए कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने उसके हाथ से केरोसिन की केन छीन ली और महिला को पुलिस द्वारा पकड़कर पुलिस कार्यालय में बैठा लिया। इस दौरान महिला का कहना था कि उसके बेटे की ट्रेन से कटकर मौत नहीं हुई है बल्कि उसकी हत्या की गई है लेकिन पुलिस द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी के चलते उसने आत्मदाह करने की कोशिश की है।
मंगलवार को गुलाबगंज थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम सुआखेड़ी निवासी मुन्नीबाई पत्नी मुकेश अहिरवार अपनी तीन बेटियों के साथ कलेक्टोरेट पहुंची। गुलाबगंज पुलिस थाना प्रभारी द्वारा मामले में उनकी मदद न करने पर जनसुनवाई कार्यक्रम में अपने बैग में केरोसिन की कैन रखकर पहुंची और अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाई। जब उसे संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला तो उन्होंने अपने बैग में रखी हुई केरोसिन की केन निकालकर उसमें भरा हुआ केरोसिन अपने ऊपर डालने की कोशिश की। जैसे ही वहां बैठे अधिकारी और कर्मचारियों को केरोसिन की बदबू आई तो तुरंत ही महिला के हाथ से केरोसिन के केन को छुड़ाया और महिला को समझाइश देने लगे। यह नजारा देखकर जनसुनवाई कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी कर्मचारी हक्के-बक्के रह गए। गनीमत यह रही कि मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत ही महिला के हाथ से केरोसिन की केन को छुड़ा लिया और महिला को समझाइश दी गई। वहीं महिला को एसपी ऑफिस के पास एक कमरे में बैठाया गया और पूरे मामले की जानकारी ली गई।
इस दौरान मुन्नी बाई अहिरवार का कहना था कि उनका बेटा 23 वर्षीय लालू अहिरवार भोपाल में गार्ड की नौकरी करता था। 21 जुलाई को उसकी चाची मोहिनी अहिरवार ने उसे घर पर बुलाया और उसके साथ चाचा के घर पर मौजूद दो लोगों द्वारा गाली गलौंज और मारपीट की गई। इसके बाद वह विदिशा आ रहा था, इसी दौरान उसका पीछा चाचा और अन्य लोगों द्वारा किया जा रहा था। इसके बाद उन्हें सूचना मिली कि लालू का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ है। इस दौरान उसके दोनों हाथ के पंजे कटे हुए थे और उसका सिर कटा हुआ था। इसके अलावा उसके शरीर पर कहीं कोई निशान नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें शक है कि मोहिनी अहिरवार, फैसन खान और राजा सहित चाचा ने मिलकर उनके बेटे की हत्या की है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से वह गुलाबगंज थाना और जीआरपी थाना के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते उन्हें आत्मदाह के अलावा और कोई रास्ता नजर नहीं आया। इसलिए हम लोग अपने साथ केरोसिन लेकर आए थे। इस घटना के बाद जीआरपी थाना द्वारा मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनके परिजनों को सौंप दी, लेकिन मृतक का मोबाइल नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होगी तो आगे फिर कोई ठोस कदम उठाना पड़ेगा।
