
सतना : जिला चिकित्सालय के आईसीयू जैसे वार्ड की संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मी द्वारा की जाने वाली रोक-टोक गुरुवार को उस समय भारी पड़ गई जब परिजनों ने उसके साथ मारपीट कर दी. जिससे पीडि़त सुरक्षा कर्मी ने कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की. पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है.प्राप्त जानकारी के अनुसार उप्र के मारकुण्डी के डोडामाफी क्षेत्र के निवासी दीपक द्विेदी जिला चिकित्सालय सतना में सुरक्षा कर्मी के तौर पर कार्य करते हैं. दीपक के अनुसार हर रोज की तरह वे गुरुवार की सुबह चिकित्सालय के आईसीयू फस्र्ट में तैनात थे.
दीपके के अनुसार सुबह उन्होंने जैसे ही आईसीयू का गेट खोला वैसे ही दरवाजे के उस ओर खड़ी लडक़ी को वह लग गया. जिसे लेकर लडक़ी द्वारा कड़ी आपत्ति जताई गई. जिस पर दीपक ने कहा कि उसने जानबूझकर चोट नहीं पहुंचाई बल्कि अनजाने में ऐसा हो गया. लेकिन इसके बावजूद भी लडक़ी ने मामले को तूल देते हुए हंगामा करना शुरु कर दिया. यह देख दीपक वहां से बाहर निकल गया. दीपक के अनुसार कुछ देर बाद ही 4-5 लडक़े वहां आ धमके और उन्होंने देखते ही देखते उसके साथ गाली-गलौच व मारपीट शुरु कर दी. बुरी तरह मारपीट करने के बाद लडक़े वहां से भाग निकले.
जिसे देखते हुए दीपक ने घटना की जानकारी सुपरवाइजर को देने के साथ ही अस्पताल चौकी में शिकायत की. जहां से उसे कोतवाली भेज दिया गया. कोतवाली पुलिस द्वारा सुरक्षाकर्मी दीपक का मेडिकल कराने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया गया और मामले की जांच की जा रही है. दीपक के अनुसार उक्त लडक़ी का परिजन आईसीयू में भर्ती था. लेकिन लडक़ी और उसके कुछ परिजनों द्वारा आईसीयू में बेवजह चहलकदमी और शोर गुल किया जाता था. जिसे लेकर वह उन्हें टोकने का प्रयास करता था. इसी रोकटोक के चलते लडक़ी ने न सिर्फ हंगामा खड़ा किया बल्कि कुछ लोगों को बुलाकर उसकी पिटाई करा दी.
