नई दिल्ली | भारतीय हॉकी के स्टार मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। रॉटरडैम में जर्मनी के खिलाफ FIH हॉकी प्रो लीग मैच के दौरान अपना 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए, उन्होंने पूर्व कप्तान दिलीप टिर्की के 412 मैचों के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस शानदार उपलब्धि के लिए हॉकी इंडिया ने उन्हें ₹10 लाख के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
शानदार करियर और उपलब्धियां
वर्ष 2011 में महज 19 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले मनप्रीत पिछले 15 वर्षों से भारतीय हॉकी की रीढ़ बने हुए हैं। 33 वर्षीय मनप्रीत वर्तमान में दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उनके नेतृत्व और कौशल ने भारत को टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल दिलाने के साथ-साथ एशियाई खेलों और एशिया कप में भी स्वर्ण पदक जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वैश्विक हॉकी जगत में पहचान
413 मैचों के साथ मनप्रीत अब पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैचों की सर्वकालिक सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। अपनी फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण के कारण वे अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं। जालंधर के मीठापुर से आने वाले इस मिडफील्डर का सफर न केवल भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान को दर्शाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत भी है।

