सतना: शासकीय पीएम श्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के प्राचार्य कक्ष का वैदिक रीति-रिवाजों के साथ शुद्धिकरण कराया। पुजारियों के मंत्रोच्चार, पुष्प वर्षा और गंगाजल छिडक़ाव के बीच संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध भी दर्ज कराया।
एनएसयूआई का यह कार्यक्रम कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एस.सी. राय के तबादले के बाद आयोजित किया गया। संगठन का आरोप है कि प्राचार्य के कार्यकाल के दौरान कॉलेज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियां संचालित होती थीं। इसी के विरोध में लंबे समय से एनएसयूआई आंदोलनरत थी और समय-समय पर धरना-प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग उठाती रही थी। एनएसयूआई प्रदेश सचिव आनंद पाण्डेय ने पूर्व में डॉ. राय पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि प्राचार्य छात्राओं को अपने कक्ष में बुलाकर उनसे आपत्तिजनक बातचीत करते थे। इन आरोपों को लेकर कॉलेज परिसर में कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए गए थे। हालांकि आरोपों को लेकर आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की।
बताया छात्र हितों की जीत
हाल ही में डॉ. एस.सी. राय के स्थानांतरण के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने इसे अपनी लड़ाई की सफलता बताते हुए प्राचार्य कक्ष का शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर आनंद पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा संस्थान ज्ञान और संस्कार के केंद्र होते हैं। उनका आरोप है कि जिस कक्ष से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की बातें सामने आईं, उसका शुद्धिकरण आवश्यक था। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा।
