चंडीगढ़, 18 जून (वार्ता) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने खिलाफ वायरल कथित वीडियो को पूरी तरह फर्जी और राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि दो स्वतंत्र फोरेंसिक रिपोर्टों ने स्पष्ट कर दिया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं।
उन्होंने दावा किया कि वीडियो के 1,191 फ्रेमों की जांच की गयी, लेकिन किसी भी फ्रेम में उनका चेहरा, कद, शारीरिक बनावट या अन्य शारीरिक विशेषताएं मेल नहीं खातीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें पंजाब की प्रगति और जनता के उनके प्रति बढ़ते समर्थन से घबराकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस के डीजीपी को निर्देश दिये हैं कि वीडियो बनाने, वित्तपोषित करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले सभी लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाये, चाहे वे दुनिया के किसी भी हिस्से में क्यों न छिपे हों।
एक वीडियो संदेश में श्री मान ने कहा कि उनका पूरा सार्वजनिक जीवन पंजाब और उसके लोगों की सेवा को समर्पित रहा है। उन्होंने दावा किया कि सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने सिख धर्म और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं, जिनमें पालकी साहिब वाहनों को कर से छूट, पवित्र शहरों का दर्जा, बेअदबी के मामलों में सख्त कानून और धार्मिक आयोजनों के लिए विशेष प्रबंध शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति उनसे लगभग दो इंच लंबा है। उन्होंने कहा कि वह न तो ऐसे किसी कृत्य की कल्पना कर सकते हैं और न ही ऐसा करने का सवाल उठता है। उनके अनुसार वीडियो कब, कहां और किसने बनाया, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन इसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और स्वयंभू धार्मिक ठेकेदार इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सिर हमेशा सर्वोच्च धार्मिक संस्थाओं के सम्मान में झुकता है, लेकिन उनके खिलाफ चलाया जा रहा अभियान राजनीतिक प्रचार का हिस्सा प्रतीत होता है।
श्री मान ने संगत से अपील की कि वह किसी भी भ्रामक प्रचार या साजिश का हिस्सा न बने। उन्होंने कहा कि उनका हर पल पंजाब, पंजाबियत और राज्य के लोगों के हितों के लिए समर्पित है तथा वे भविष्य में भी इसी भावना के साथ कार्य करते रहेंगे।
