
एवियन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। ऐसे में इस बैठक को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। दोनों नेता वैश्विक मुद्दों, द्विपक्षीय सहयोग, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा कर सकते हैं।
द्विपक्षीय वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि एवियन में दोनों नेताओं से मिलना सुखद अनुभव रहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष की शुरुआत में भारत को गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय नेताओं की मेजबानी करने का अवसर मिला था। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के पूरा होने से दोनों पक्षों के रिश्तों में नया अध्याय जुड़ा है।
पीएम मोदी ने कहा कि यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत में भविष्य में आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता सहयोग मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अब सभी की नजरें मोदी-ट्रंप बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में रक्षा सहयोग, व्यापार, आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
