इंदौर: पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया. एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला अकेले अपनी फरियाद लेकर पहुंची और पुलिस कमिश्नर को बताया कि उसके बेटे और पोते उसकी देखभाल नहीं करते, प्रताड़ित करते हैं और उसे सहारा नहीं दे रहे हैं. पुलिस कमिश्नर ने संवेदनशीलता के साथ पूरी बात सुनी और तत्काल एसीपी जूनी इंदौर को काउंसलिंग एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. एसीपी ने बुजुर्ग महिला की विस्तृत शिकायत सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया और उन्हें पुलिस वाहन से सुरक्षित घर भिजवाया.
हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने आमजन की शिकायतें सुनते हुए उनके तुरंत एवं प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. इस दौरान 83 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें बेटे बहू द्वारा प्रताड़ना, पति पत्नी एवं अन्य पारिवारिक विवाद, आपसी मतभेद, पैसों के लेन देन के मामले, फाइनेंशियल फ्रॉड, प्लॉट, मकान एवं जमीन संबंधी धोखाधड़ी, महिला अपराध, पुलिस द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने की शिकायतें तथा अन्य पुलिस संबंधी प्रकरण शामिल रहे. जनसुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर ने प्रत्येक आवेदक की समस्या गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनी. कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए, जबकि अन्य प्रकरणों में दूरभाष के माध्यम से अधिकारियों को तत्काल निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत मिल सके.
जनसुनवाई में ये अधिकारी मौजूद रहे
जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं विस्तार से सुनीं और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई शुरू कराई. इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इंदौर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा संचालित मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से पारिवारिक एवं आपसी विवादों में लगातार काउंसलिंग कर शांतिपूर्ण समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे मामलों का सौहार्दपूर्ण और शीघ्र निराकरण हो सके
