दिल्ली डायरी
प्रवेश कुमार मिश्र
चुनावी शिकस्त और अपनों की बेरुखी से टूटते आत्मबल से परेशान टीएमसी को कांग्रेस का भरपूर सहारा मिला है. गांधी परिवार के अलावा कांग्रेसी रणनीतिकारों ने जिस तरह से टीएमसी के बुरे वक्त में आगे बढ़कर महत्व के साथ टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अपनाया है उसकी चौतरफा चर्चा हो रही है. कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने जिस परिपक्वता के साथ ममता बनर्जी की हौसला-अफजाई करते हुए उनके सामने बहुस्तरीय विकल्प व व्यापक राजनीतिक संभावनाओं की रूपरेखा रखकर टूटते हौसले को बुलंद किया वह निश्चित रूप से बदले राहुल और बढ़ते कांग्रेसी कद का परिचायक है. कहा जा रहा है कि टीएमसी और कांग्रेस अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में संयुक्त रूप से सरकार के खिलाफ गांव से शहर तक किला बंदी करेंगे.
इंडिया गठबंधन में कांग्रेस का दबदबा बढ़ा
लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी ने जिस अंदाज में सभी सहयोगियों को आईना दिखाते हुए भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर मोर्चाबंदी करने की बात कही है उससे साफ है कि कांग्रेस एक तरफ अपने को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी है वहीं दूसरी ओर इंडिया समूह में शामिल साथी दलों को भी डरे बगैर भाजपा से लड़ने की प्रेरणा दे रही है. यानी कांग्रेस बड़े भाई के रूप में अपने अनुभव को सहयोगियों के साथ साझा कर उसे भी मुकाबले के लिए तैयार करने लगी है. हालांकि राहुल गांधी की केरल वामदल के संदर्भ में दी गई स्पष्ट टिप्पणी से वामदल नाराज हुए है लेकिन सपा व राजद शिवसेना उद्धव जैसे दलों के शीर्ष नेतृत्व ने राहुल की बात और कांग्रेसी प्रस्ताव को हाथों-हाथ लिया. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विपक्षी दल अब कांग्रेस को ही राष्ट्रीय विकल्प मानकर भाजपा की संगठित ताकत से मुकाबले को तैयार हैं.
नए साथियों के कारण लोकसभा में मजबूत हुई मोदी सरकार
टीएमसी के बीस बागी सांसदों का साथ मिलने या उन्हें साथ लाने के बाद लोकसभा में राजग की ताकत अचानक बढ़ गई है. इस बदलते राजनीतिक परिदृश्य से मोदी सरकार को लोकसभा के अंदर मिले नए सहयोगियों से भविष्य में कई अटके विधेयक पारित होने की संभावना बढ़ गई है. अब तक टीडीपी और जदयू पर निर्भर मोदी सरकार को बदले समीकरण में बहुत राहत मिली है क्योंकि इस गुट के अंदर कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो सहयोग के लिए सरकार के सामने शर्त रखे. कहा जा रहा है कि मोदी सरकार जल्द ही एक बार फिर लोकसभा सीट बढ़ाने वाले परिसीमन विधेयक को सदन में सुनियोजित योजना के साथ ला सकती है.
देशभर में मीनाक्षी मामले की सच्चाई बताएगी कांग्रेस
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द किए जाने को सुनियोजित साजिश बताते हुए कांग्रेस पार्टी जहां एक तरफ कानूनी लड़ाई का सहारा लेने जुटी है वहीं दूसरी ओर इस विषय को जनता की अदालत यानी मध्यप्रदेश के गांव -गांव से लेकर देशभर में परिचर्चा के माध्यम से पहुंचाने की तैयारी में है. कहा जा रहा है कि जल्द ही इस विषय को लेकर व्यापक योजना बनाई जा रही है. यह अभियान कोर्ट निर्णय होने तक या विधानसभा चुनाव तक चलाया जाएगा.
