हादसे का डर, एक्शन में नपा: सीहोर में जर्जर सरकारी आवासों को जेसीबी से किया जमींदोज

सीहोर। बारिश का मौसम शुरू होते ही नगर पालिका ने शहर के जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. दो जून को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अधिकांश भवन मालिकों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर मंगलवार से नपा ने स्वयं जर्जर मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पुराने सरकारी आवासों पर बुलडोजर चलाकर अभियान की शुरुआत की गई. नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि खतरनाक घोषित भवनों को तोडऩे में होने वाला खर्च संबंधित भवन मालिकों से वसूला जाएगा.

शहर में कई ऐसे मकान हैं जो समय के साथ पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और बारिश के दौरान कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। नपा द्वारा दो सप्ताह पहले ऐसे 76 भवनों की पहचान कर उन्हें खतरनाक घोषित किया गया था तथा भवन स्वामियों को नोटिस देकर स्वयं मकान हटाने के निर्देश दिए गए थे. निर्धारित समय बीतने के बाद भी अधिकांश लोगों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नपा ने मंगलवार से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया।

नगर पालिका के सहायक यंत्री विजय कोली के निर्देशन में अमले ने जेसीबी मशीन की मदद से शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के जर्जर सरकारी मकानों को गिराने की कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि शहर में वर्तमान में 76 जर्जर भवन चिन्हित हैं, जिनमें 66 आंशिक रूप से जर्जर और 10 अत्यंत खतरनाक श्रेणी में हैं. सभी भवन स्वामियों को 2 जून को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. अब चरणबद्ध तरीके से इन भवनों को हटाया जाएगा और ध्वस्तीकरण पर होने वाले खर्च की वसूली संबंधित मकानों के मालिकों से की जाएगी.

दो साल पहले हो चुका है बड़ा हादसा

दो वर्ष पहले शहर के खजांची लाइन क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान एक जर्जर मकान ढह जाने से उसमें दबकर एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी. घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पान चौराहा और कोतवाली चौराहा क्षेत्र के खतरनाक भवनों को भी गिराया था. हालांकि बाद में यह अभियान धीमा पड़ गया था. अब मानसून के आगमन के साथ एक बार फिर प्रशासन सक्रिय हुआ है.

एक साल में घटी जर्जर मकानों की संख्या

पिछले वर्ष नगर पालिका ने सभी 35 वार्डों में सर्वे कर 86 जर्जर मकानों की सूची तैयार की थी। इनमें सबसे अधिक 21 मकान वार्ड क्रमांक 28 में पाए गए थे। वार्ड 26 में 8, वार्ड 12 और 13 में 6-6, वार्ड 11 में 5 तथा वार्ड 18 में 4 जर्जर मकान चिन्हित किए गए थे। इस वर्ष की सूची में यह संख्या घटकर 76 रह गई है। नपा के अनुसार पिछले वर्ष चिन्हित 45 भवनों के मालिकों ने या तो मरम्मत करा ली है अथवा मकानों को हटाकर प्लॉट में परिवर्तित कर दिया है. नगर पालिका का कहना है कि बारिश के दौरान जनहानि रोकने के लिए शेष सभी खतरनाक भवनों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी.

 

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