
अशोकनगर। राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद जिले में सियासी पारा गरमा गया है। जहां एक दिन पहले यूथ कांग्रेस द्वारा गांधी पार्क पर विरोध प्रदर्शन किया गया था, तो वहीं मंगलवार को इसके विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य डाकघर पहुंचकर भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अभिजीत रघुवंशी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा की अगुवाई में कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम प्रतीकात्मक रूप से आरएसएस की वेशभूषा डाक से भेजने पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी की टीम और एजेंट की तरह काम किया है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन द्वेषपूर्ण भावना से रद्द किया गया और उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र की हत्या है।
पुलिस ने बीच में ही रोकी राजनीति की स्पीड पोस्ट:
डाकघर में जब कार्यकर्ता विरोध स्वरूप आरएसएस की ड्रेस को पार्सल कर मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुस्तैदी दिखाई। कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने राजनीति की इस स्पीड पोस्ट को बीच रास्ते में ही रोक लिया। कार्यकर्ता जिन कपड़ों को डाक विभाग के हवाले करना चाहते थे, वे आखिरकार पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए। इस दौरान अशोक शर्मा, सचिन त्यागी, सोनू रघुवंशी, सतपाल रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारी मौजूद रहे।
