
(विनय असाटी)दमोह. आजादी के पर्व यानि 15 अगस्त के पूर्व मध्यप्रदेश में इमरजेंसी सेवा 100 डॉयल अब बंद होने जा रही है.अब 112 डॉयल के साथ नई सेवा प्रारंभ हो रही है. अब शहरी क्षेत्र के लिए स्कॉर्पियो-एन व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बोलेरो नियो प्लस तैनात की जा रही है.मप्र सरकार अब इमरजेंसी सेवा 100 डॉयल में बहुत बड़ा बदलाव करने जा रही है. जिसमें सेवा का नया नंबर डॉयल 112 रखा गया है. पहले शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्कार्पियो एक ही कंपनी के वाहन तैनात थे. लेकिन अब नई फस्र्ट रिस्पांस व्हीकल एफआरवी जो 1200 की संख्या में तैनात की जाएंगी.उनमें 600 स्कॉर्पियो-एन शहरी क्षेत्रों के लिए होगी. 600 बोलेरो नियो प्लस ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देगी. यह वाहन अत्याधुनिक तकनीकी से लैस होंगे. जिसमें जीपीएस, वायरलेस, डिजिटल, नेविगेशन सिस्टम, और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग शामिल रहेगी.
*लाइव लोकेशन रहेगी अहम*
नई एफआरबी में सबसे अहम लाइव लोकेशन की तकनीकी रहेगी. कंट्रोल टीम पर वाहन पर बराबर नजर रहेगी. कब कहां से निकला और कहां पहुंचा.जिससे पूर्व में लगने वाले आरोपों से निजात मिलेगी कि वाहन विलंब से पहुंचा.वहीं शिकायतकर्ता की भी जीपीएस से ट्रैकिंग होगी. जिससे शिकायतकर्ता तक पहुंचने की भी लाइव लोकेशन से पता खोजने में समय नहीं लगेगा.
*एक साथ 100 कॉल होंगी रिसीव*
100 डॉयल का नंबर बदलकर 112 किया जा रहा है, लेकिन इसमें यह क्षमता है कि यदि एक साथ 100 मोबाइल फोन से सहायता मांगी जाएगी,तो कॉल रिसीव हो जाएगी. पहले की तरह वेटिंग कॉल नहीं आएगी. इसके लिए कंट्रोल रूम में 100 कॉल टेकर्स और 30 डिस्पेचर लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है.इसके अलावा कॉलर्स की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कॉल मास्किंग की सुविधा भी दी जाएगी.
*शहरी वाहनों में रहेगा स्ट्रेचर*
शहर में चलने वाली एफआरबी में स्थायी रूप से स्ट्रेचर की व्यवस्था की जाएगी. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जरुरत के मुताबिक स्ट्रेचर वाहनों में रखा जाएगा.पहले के वाहनों में स्ट्रेचर की सुविधा नहीं होती थी. जिससे मरीजों को शिफ्ट करने में परेशानी होती थी.
*दमोह को 4 नए वाहन मिलने की उम्मीद*
दमोह जिले में डायल 100 के नोडल अधिकारी एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया और डायल 100 जिला पर्वेक्षक नकुल सोनी है. उन्होंने बताया कि इमरजेंसी सेवा के तहत दमोह अभी 20 एफआरबी तैनात हैं, नई चार एफआरबी की डिमांड की गई है. जिससे अब जिले में इनकी संख्या 24 हो जाएगी. इन वाहनों का संचालन करने के लिए 60 चालक तैनात हैं.जो आपातकालीन सेवाओं में मददगार साबित हो रही हैं.
*खस्ताहाल हो गईं थीं 100 डॉयल*
डॉयल 100 सेवा 2015 में शुरू की गई थी, यह सेवा केवल 5 साल के लिए थी.कोविड काल के बाद बढ़ा दी गई थी,अब यह 10 वर्षीय होकर 2025 में समाप्त हो जाएगी.इन 10 साल में 100 डॉयल सेवा में लगे वाहन खस्ताहाल हो गए थे. रखरखाव खर्च ज्यादा निकल रहा था.समय पर सेवा नहीं दे पा रहे थे, इससे पूरी सेवा में ही बदलाव किया जा रहा है.
