मुंबई | छोटे पर्दे के लोकप्रिय शो ‘क्यूंकी सास भी कभी बहू थी’ की कहानी में इस समय तनाव चरम पर है। तुलसी विरानी जहाँ परिवार में शांति और आपसी समझ बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं, वहीं घर के भीतर की रंजिशें और गद्दी की लड़ाई रिश्तों को गहरे संकट में डाल रही है। हालिया एपिसोड में तुलसी ने अपनी बहू वैष्णवी को पार्थ के स्वभाव के बारे में समझाकर दोनों के बीच की दूरियां कम करने की कोशिश की है, जो शो में एक भावुक मोड़ लेकर आया है।
तुलसी का कबूलनामा और पार्थ का दर्द
कहानी में उस समय सनसनी फैल गई जब पार्थ ने तुलसी के सामने अपनी लाचारी और नंदिनी की घुटन पर दुख जताया। इस दौरान तुलसी ने भी एक बड़ा खुलासा किया कि अंश की मौत के वक्त वह खुद वहां मौजूद थीं और उन्होंने ही उसे मारा था। तुलसी ने पार्थ को चेतावनी दी कि उसका बेकाबू गुस्सा और नफरत उसके वैवाहिक जीवन को तबाह कर सकती है, इसलिए उसे अपने व्यवहार में संयम बरतने की सख्त जरूरत है।
नंदिनी के खुलासे से मची खलबली
वीरानी परिवार के माहौल में उस समय भूचाल आ गया जब लंबे अंतराल के बाद करण की शो में वापसी हुई। करण ने रेओ के नए व्यावसायिक विचारों की तारीफ की, जिसे सुनकर नंदिनी अपना आपा खो बैठीं। गुस्से में नंदिनी ने पूरे परिवार के सामने यह कड़वा सच उजागर कर दिया कि शांति निकेतन और वीरानी साम्राज्य केवल इसलिए टिका हुआ है क्योंकि करण अपनी जेब से हर महीने मोटी रकम भेजकर कारोबार का घाटा भरता है। इस खुलासे ने विरानी परिवार की नींव को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है।

