मुंबई, ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुनी गई मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को लेकर बॉलीवुड में घमासान मच गया है। फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत अक्सर ऑस्कर के लिए गलत फिल्मों का चयन करता है, ‘गोंधल’ के निर्देशक संतोष दवाखर ने कड़ा पलटवार किया है। संतोष ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए खुलासा किया कि उन्होंने बेंगलुरु से मुंबई की उड़ान के दौरान अनुराग कश्यप को फिल्म के बारे में जानकारी दी थी, तब उन्होंने फिल्म न देखने की बात कही थी। निर्देशक ने आलोचकों और फिल्म मेकर्स से अपील की है कि किसी भी फिल्म की गुणवत्ता पर फैसला सुनाने से पहले उसे पर्दे पर जरूर देखना चाहिए।
साइकोलॉजिकल थ्रिलर है फिल्म ‘गोंधल’, ओटीटी नहीं बल्कि बड़े पर्दे के लिए की गई है तैयार
निर्देशक संतोष दवाखर ने स्पष्ट किया कि ‘गोंधल’ फिल्म उद्योग से बाहर के एक नए निर्देशक द्वारा बनाई गई एक बेहतरीन साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसमें मराठी संस्कृति को बेहद प्रभावशाली तरीके से वैश्विक स्तर पर पेश किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस फिल्म को विशेष रूप से सिनेमाघरों और बड़े पर्दे के अनुभव के लिए डिजाइन किया गया है, न कि सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए। ऑस्कर जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना उनकी पूरी टीम के लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे वे पूरी निष्ठा और गंभीरता के साथ निभा रहे हैं।
अनुराग कश्यप ने उठाए थे चयन प्रक्रिया पर सवाल, अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में पहचान बनाने की दी थी सलाह
बता दें कि अनुराग कश्यप ने हाल ही में एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान भारत की ऑस्कर चयन प्रक्रिया पर तीखे सवाल उठाए थे और ‘द लंचबॉक्स’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए चयन में चूक की बात कही थी। उन्होंने ‘गोंधल’ को भी सलाह दी थी कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरने से पहले उसे बड़े फिल्म फेस्टिवल्स में अपनी मजबूत पहचान बनानी चाहिए। बहरहाल, निर्देशक संतोष दवाखर के इस दो टूक जवाब के बाद फिल्म इंडस्ट्री में बहस छिड़ गई है, और दर्शक अब आगामी री-रिलीज के दौरान सिनेमाघरों में जाकर इस फिल्म को खुद देखने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।

