नयी दिल्ली, 16 जून (वार्ता) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन और रखरखाव को और मजबूत बनाने के लिए पूर्वानुमान आधारित प्रबंधन प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया है, जिससे सड़कों में होने वाली खराबी का समय रहते पता लगाकर आवश्यक मरम्मत की जा सकेगी।
आधिकारिक बयान के अनुसार एनएचएआई पारंपरिक रखरखाव व्यवस्था से हटकर डेटा और प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली की ओर बढ़ रहा है और इसके तहत नेटवर्क सर्वे वाहन, ड्रोन एनालिटिक्स मॉनिटरिंग सिस्टम, फॉलिंग वेट डिफ्लेक्टोमीटर परीक्षण और कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित डैशकैम एनालिटिक्स सेवाओं का उपयोग कर राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति की लगातार निगरानी की जायेगी।
एनएचएआई इन प्रणालियों से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर केंद्रीकृत सूचना तंत्र विकसित कर रहा है, जिससे राजमार्गों की स्थिति का अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और संभावित जोखिम वाले हिस्सों की पहले से पहचान कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाये जा सकेंगे।
प्राधिकरण का कहना है कि उन्नत निगरानी तकनीकों, कृत्रिम मेधा, डेटा विश्लेषण और प्रदर्शन आधारित रखरखाव प्रणाली के जरिये राष्ट्रीय राजमार्गों की आयु बढ़ाने, रखरखाव को अधिक प्रभावी बनाने और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
