
छतरपुर। शहर के किशोर सागर तालाब में हाल ही में की गई मिट्टी पुराई को लेकर मंगलवार को विधायक ललिता यादव ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और मामले पर नाराजगी जताई। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। विधायक ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से तालाब में मिट्टी डाले जाने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किशोर सागर तालाब का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में वहां किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा अन्य कार्य नहीं किया जाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि नगर पालिका अधिकारियों ने उन्हें बताया कि तालाब किनारे वृक्षारोपण के उद्देश्य से कार्य प्रस्तावित था, लेकिन न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण किसी भी प्रकार की गतिविधि नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर तालाब की पुराई किसके निर्देश पर कराई गई और कहा कि अतिक्रमण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि तालाब में डाली गई मिट्टी को हटाकर उसकी मूल स्थिति बहाल की जाए।
मामले में ठेकेदार रामनरेश शुक्ला ने दावा किया कि नगर पालिका द्वारा उन्हें खंभे लगाने का कार्य सौंपा गया था और मिट्टी पुराई शहनाई गार्डन संचालक अजय लाल के निर्देश पर कराई गई। वहीं अजय लाल ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने न तो कोई जेसीबी मशीन चलवाई और न ही मिट्टी डलवाई है। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में एनजीटी के निर्देशों के तहत तालाब क्षेत्र में सीमांकन और तार फेंसिंग का कार्य किया जाना था। मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
