​सीहोर में एक ही हफ्ते में एसआर विहार कॉलोनी में दूसरी बड़ी चोरी, दहशत में रहवासी

सीहोर। जिला मुख्यालय पर लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शहर में एक के बाद एक हो रही चोरियों से आम नागरिकों में भय का माहौल है, जबकि पुलिस अब तक कई मामलों में आरोपियों तक पहुंचने में नाकाम नजर आ रही है. हालात यह हैं कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पॉश कॉलोनियों से लेकर धार्मिक स्थलों तक को निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं.

ताजा मामला शहर की प्रतिष्ठित और सुरक्षित मानी जाने वाली एसआर विहार कॉलोनी का है. चारों ओर ऊंची बाउंड्रीवॉल से घिरी इस कॉलोनी में बीती रात अज्ञात चोरों ने सूने मकानों के ताले चटका दिए. कॉलोनी में हुई इस वारदात के बाद रहवासियों में दहशत का माहौल है. लोगों का कहना है कि यदि इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में भी चोर आसानी से प्रवेश कर चोरी कर सकते हैं, तो शहर के अन्य इलाकों की सुरक्षा का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है.

गौरतलब है कि एसआर विहार कॉलोनी में यह कोई पहली घटना नहीं है. इसी माह 6 जून को भी चोरों ने यहां एक मकान को निशाना बनाया था. एक ही सप्ताह के भीतर दूसरी चोरी की घटना ने पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। रहवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई विशेष सुधार दिखाई नहीं दे रहा है.

शहर में सक्रिय चोर गिरोह अब थाना सीमाओं की भी परवाह नहीं कर रहा है. कोतवाली और मंडी थाना क्षेत्र दोनों ही चोरों के निशाने पर हैं. अलग-अलग इलाकों में लगातार हो रही वारदातों से यह स्पष्ट है कि अपराधियों के मन से पुलिस का भय लगभग समाप्त हो चुका है. शहर के कई क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं बढऩे के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं लगी है.

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चोरों ने हाल ही में प्रसिद्ध करौली माता मंदिर को भी नहीं बख्शा. बीते सोमवार को मंदिर परिसर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था. धार्मिक स्थल में हुई इस घटना ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है. हालांकि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. इससे एक दिन पूर्व रविवार को अवधपुरी माधव स्टेट कालोनी में भी चोरों ने वारदात को अंजाम देने का असफल प्रयास किया था. लगातार हो रही चोरियों के बीच पुलिस के मुखबिर तंत्र की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं. आमजन का मानना है कि यदि मुखबिर तंत्र प्रभावी होता और नियमित गश्त की व्यवस्था मजबूत रहती, तो अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद नहीं होते. शहरवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और चोरों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए.

 

 

 

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