
ब्यावरा। बीते 10 मई को जिले में पुलिस महकमे में पदस्थ एक एएसआई से साईबर ठगी के मामले को पुलिस ने एक महीने में सुलझा लिया है. पुलिस आरोपियों तक पहुंची और 2 लोगों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया है. हालांकि आरोपियों तक पहुंचने में देहात थाना पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आरोपियों को हर हाल में धर दबोचने का बीड़ा लेकर निकली पुलिस को सफलता मिल ही गई. मामले में 95 हजार रूपए की रिकवरी हो चुकी है जबकि करीब 1 लाख रूपए होल्ड उसी समय कर दिए गए थे.
उल्लेखनीय है कि कोर्ट में तैनात एएसआई गोपाल सिंह खींची के दोनों घुटनों का ऑपरेशन हुआ है. ईलाज के लिए उन्होंने अपने और पत्नि के खातों में करीब 4 लाख रूपए जमा किए थे. बीते 10 मई को उनके बेटे ने 3 हजार रूपए घर के किसी काम के लिए मांगे. जब उन्होंने खाते में पैसे चैक किए तो मालूम हुआ कि पत्नि के खाते से तीन बार 95-95 हजार रूपए और उनके अपने वेतन खाते से 10 हजार रूपए निकाले गए है. बैलेंस कम होने पर उन्होंने खाते का स्टेटमेंट बैंक से लिया तो मामला साफ हुआ. उनके खातों से साईबर ठगी की गई.
उत्तराखण्ड, दिल्ली और हरियाणा के खातों में पहुंची राशि
एएसआई गोपाल सिंह खींची ने अपने बैंक स्टेटमेट की पड़ताल कराई तो उसमें पता चला है कि बीवी के खाते से तीन बार 95 हजार की राशि उत्तराखण्ड, दिल्ली और हरियाणा के खातों में डाली गई है. वहीं एएसआई श्री खींची के खाते से 10 हजार रूपए की राशि से ऑनलाईन शॉपिंग की गई है. पूरे मामले में साईबर सेल को शिकायत की गई. पुलिस ने मामले में देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज की. अब उन्हीं खातों के स्टेटमेंट और डिटेल की मदद से पुलिस बदमाशों तक पहुंच पाई.
इधर एएसआई गोपाल सिंह खींची की हालत में सुधार
एएसआई गोपाल सिंह खींची अपने साथ हुई ऑनलाईन ठगी और घुटनों के ईलाज को लेकर काफी परेशान थे. वे अब राहत महसूस कर रहे है. उनके घुटनों के ऑपरेशन के बाद सुधार और रिकवरी हैं, वहीं पुलिस द्वारा एक महीने में आरोपियों को पकडऩे से पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है और पुलिस को धन्यवाद दिया है.
सूत्रों के अनुसार आरोपियों में ज्यादातर युवा शामिल है. ये नौकरी करते हैं और इसके अलावा पैसों के लिए साईबर ठगी का रास्ता अपना बैठे है. बदमाशों में ने बीते वर्षों में साईबर ठगी पर आधारित जामतारा फिल्म की तर्ज पर ठगी का तरीका निकाला. संभवत: उन्होंने एएसआई के परिवार के मोबाईल हैक किए और खातों से राशि का आहरण कर लिया. वे सिम बदलकर लोगों तक पहुंचते है. उनसे कंपनी के नाम पर बात करते हैं, ओटीपी आदि देकर हैकिंग करते है और साईबर लूट का अंजाम देते है.
अलवर और जयपुर में मिले आरोपी
देहात थाना पुलिस ने करीब 15 दिनों में लगातार आरोपियों का पीछा किया. वे आरोपियों के पीछे-पीछे उनकी लोकेशन पर दबे पंाव पहुंचे. इस दौरान आरोपियों को खोजने वे राजस्थान के अलावा हरियाणा और पंजाब पहुंचे. पटियाला, जालंधर सहित अलवर और जयपुर तक आरोपियों का पीछा किया. दो आरोपी राजस्थान से पकड़े गए हैं जिन्हें अलवर और जयपुर के समीप किसी गांव से दबोचा गया है. हालांकि आरोपियों से पूछताछ जारी है.
पूछताछ जारी, होंगे और खुलासे
हमने अभी दो आरोपियों को मामले में हिरासत में लिया है. दोनों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है. आरोपियों से पूछताछ जारी है. साईबर ठगी में 95 हजार की राशि रिकवर हो चुकी है और 1 लाख रूपए होल्ड कराए गए है. हम अभी मामले की जांच कर रहे है. उम्मीद है अन्य आरोपी जल्द हमारी गिरफ्त में होगे.
प्रवीण जाट, थाना प्रभारी देहात ब्यावरा
