(पुण्यतिथि 29 जुलाई के अवसर पर )मुंबई, 29 जुलाई (वार्ता) हिंदी सिनेमा में राजा मेहदी अली खान का नाम ऐसे गीतकार के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने प्रेम, विरह और देशभक्ति की भावनाओं से ओतप्रोत गीतों के माध्यम से श्रोताओं के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। राजा मेहदी अली खान ने अपने गीतों में ‘आप’ शब्द का अत्यंत सुंदर और प्रभावशाली प्रयोग किया। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘आप यूँ ही अगर हमसे मिलते रहे’, ‘आपके पहलू में आकर रो दिए’, ‘आपकी नजरों ने समझा प्यार के काबिल मुझे’ और ‘आपको राज छुपाने की बुरी आदत है’ जैसे सदाबहार नगमे शामिल हैं। एक जमींदार परिवार में जन्मे राजा मेहदी अली खान ने अपने करियर की शुरुआत आकाशवाणी, दिल्ली से की। बाद में नौकरी छोड़कर वह मुंबई पहुंचे, जहां अपने एक मित्र के प्रयास से उन्हें अभिनेता अशोक कुमार की फिल्म ‘एट डेज’ के लिए संवाद लिखने का अवसर मिला।
वर्ष 1945 में उनकी मुलाकात फिल्मिस्तान स्टूडियो के प्रमुख एस. मुखर्जी से हुई। एस. मुखर्जी ने उन्हें फिल्म ‘दो भाई’ के लिए गीत लिखने का प्रस्ताव दिया। इस फिल्म का गीत ‘मेरा सुंदर सपना बीत गया’ बेहद लोकप्रिय हुआ और इसके साथ ही राजा मेहदी अली खान ने बतौर गीतकार फिल्म उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बना ली। देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। फिल्म ‘शहीद’ के लिए लिखा गया उनका गीत ‘वतन की राह में वतन के नौजवान शहीद हो’ आज भी देशभक्ति गीतों में विशेष स्थान रखता है और श्रोताओं को भावुक कर देता है।
फिल्म उद्योग में प्रतिष्ठा हासिल करने के बावजूद राजा मेहदी अली खान बेहद विनम्र स्वभाव के थे। उन्होंने कभी यह नहीं देखा कि वह किसी नए संगीतकार के साथ काम कर रहे हैं या किसी स्थापित नाम के साथ। वर्ष 1950 में फिल्म ‘मदहोश’ के माध्यम से संगीतकार मदन मोहन के साथ उनकी जोड़ी बनी, जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे सफल गीतकार-संगीतकार जोड़ियों में शुमार हुई। ‘मदहोश’ के बाद राजा मेहदी अली खान और मदन मोहन ने मिलकर अनेक यादगार गीत रचे, जिन्होंने हिंदी फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। गीत लेखन के अलावा उन्होंने कई कविताएं और कहानियां भी लिखीं, जो बीसवीं सदी, खिलौना और शमा जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित होती थीं। अपने गीतों से लगभग चार दशकों तक श्रोताओं को भावविभोर करने वाले महान गीतकार राजा मेहदी अली खान का 29 जुलाई 1996 को निधन हो गया। उनके रचे गीत आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।

