
खंडवा। जिले के चांदगढ़ वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली एक और घटना सामने आई है। शनिवार रात पुनासा-सतवास (खंडवा-भोपाल हाईवे) मार्ग पर हनुमान मंदिर के समीप सडक़ पार कर रहे एक वयस्क तेंदुए की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। चिंताजनक बात यह है कि पिछले पांच दिनों के भीतर इसी रेंज में तेंदुए की मौत की यह दूसरी घटना है, जिससे वन्यजीव संरक्षण और हाईवे पर वाहनों की गति नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और तेंदुए के शव को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रखवाया। अधिकारियों ने देर रात तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग के अनुसार, इंदौर से विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम बुलाई गई है, जिनकी मौजूदगी में तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद विभागीय नियमों के तहत उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि 9 जून को चांदगढ़ रेंज के कालादेव क्षेत्र में भी एक तेंदुए की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। शनिवार रात हुई घटना पहले हादसे वाले स्थान से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर हुई है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने वन विभाग और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ा दी है। पुनासा-सतवास मार्ग घने वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय इस मार्ग पर भारी और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में पानी और शिकार की तलाश में तेंदुए सक्रिय रहते हैं और सडक़ पार करते समय तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। चांदगढ़ रेंज के रेंजर मोहन मंडलोई ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रतीत हो रहा है कि तेंदुआ शिकार की तलाश में सडक़ पार कर रहा था, तभी वह किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान के प्रयास भी किए जा रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए वन विभाग हाईवे किनारे वन्यजीव चेतावनी संकेतक लगाने और रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने पर विचार कर रहा है। वहीं पर्यावरणविदों ने वन क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने और वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रभावी उपाय किए जाने की मांग उठाई है।
