
खंडवा। जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र में एक बेहद घिनौना मामला सामने आया है, जहाँ एक 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी के साथ हुई दरिंदगी का खुलासा उसकी प्री-मैच्योर डिलीवरी के बाद हुआ। यह पूरी घटना तब प्रकाश में आई जब पीड़िता को पेट में असहनीय दर्द होने के कारण परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही देर बाद, पीड़िता ने शौचालय में एक मृत नवजात को जन्म दिया। यह गर्भ लगभग 5 से 6 महीने का था। अस्पताल के कर्मचारियों को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो वे भी दंग रह गए और उन्होंने तुरंत इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में किशोरी ने अपने साथ हुए जुल्म की पूरी दास्तान बयां की। पीड़िता ने बताया कि वह आदिवासी समाज से ताल्लुक रखती है और जीविकोपार्जन के लिए बकरी चराने का काम करती थी। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले गणेश तंवर नामक युवक ने उसे अपने जाल में फंसाया। आरोपी गणेश गांव में ही अपने पिता की चाय की दुकान संभालता था और उसका व्यवहार शुरू से ही मनचला था। आरोपी ने पीड़िता का पीछा करना शुरू किया और दोस्ती का झूठा वादा देकर उसे लगातार निशाना बनाता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर खेत, जंगल और कभी-कभी उसके घर पर भी उसके साथ कई बार दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता को इस बात का एहसास तक नहीं हुआ कि वह गर्भवती है। इस पूरी दरिंदगी के कारण उसे न केवल शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ी, बल्कि उसे मानसिक आघात का भी सामना करना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए छैगांवमाखन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को ही आरोपी गणेश पिता राजू तंवर (21) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे तुरंत कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने अब इस मामले की जांच का जिम्मा आजाक थाना (एट्रोसिटी) को सौंप दिया है, क्योंकि पीड़िता आदिवासी समुदाय से है और मामला बेहद गंभीर है। वर्तमान में पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और पीड़िता के बयान तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
