सारंगपुर: नगरवासियों को हड्डी रोग विशेषज्ञ की सुविधा दिलाने के लिए राज्यमंत्री गौतम टेटवाल की पहल पर सिविल अस्पताल में डॉक्टर की पोस्टिंग तो कर दी गई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की प्रक्रियाओं में उलझकर उनकी औपचारिक नियुक्ति अब तक अटकी हुई है। नतीजतन पिछले एक माह से सेवाएं दे रहे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जय सिंह बघेल को न नियुक्ति-पत्र मिला है और न ही रहने के लिए सरकारी क्वार्टर उपलब्ध कराया गया है।
इसका सीधा असर मरीजों की उपचार व्यवस्था पर पड़ रहा है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा ज्वाइनिंग लेटर जारी नहीं किए जाने से डॉ. बघेल की नियुक्ति कागजों में अधूरी है। बिना नियुक्ति-पत्र के सेवा देने के कारण उनका मानदेय भी अटका हुआ है, जिससे वे बिना वेतन काम करने को मजबूर हैं।100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल में पहले से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। यहां न हृदय रोग विशेषज्ञ हैं और न ही नेत्र रोग विशेषज्ञ। ऐसे में हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति अटकने से स्थिति और गंभीर हो गई है। स्टाफ और संसाधनों की कमी भी लगातार बनी हुई है।
इस मामले में सीएमएचओ राजगढ़ डॉ. शोभा पटेल ने बताया कि डॉ. जय सिंह बघेल पहले भी यहां सेवाएं दे चुके हैं और पीजी के लिए चले गए थे। अब उनका नियुक्ति आदेश स्वास्थ्य विभाग भोपाल से प्राप्त होना है। आदेश मिलते ही उनकी ज्वाइनिंग करवाई जाएगी।नियुक्ति-पत्र और क्वार्टर न मिलने के कारण डॉ. बघेल को रोजाना अपडाउन कर अस्पताल आना पड़ रहा है, जिससे ओपीडी समय और सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।
