
इंदौर:क्राइम ब्रांच ने बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़े बदमाशों की प्लानिंग नाकाम कर दी. गैंग शहर के बिल्डरों और बड़े कारोबारियों से 5 से 15 करोड़ रुपए की वसूली के लिए फायरिंग की तैयारी में था.मामले की शुरुआत 14 अप्रैल को बिल्डर विवेक दम्मानी की शिकायत से हुई, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य कारोबारियों की रेकी कर उनके ठिकानों, गतिविधियों और परिवार की जानकारी जुटा रहे थे. इसके बाद फोन और वॉइस मैसेज के जरिए करोड़ों की रंगदारी मांगी जा रही थी. पुलिस के अनुसार धमकी नहीं मानने पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की साजिश थी. इसी पैटर्न पर पहले खरगोन के कारोबारी दिलीप सिंह राठौर के यहां फायरिंग कराई जा चुकी थी, जबकि इंदौर में भी कई बिल्डरों को टारगेट किया था.
पुलिस ने कोर्ट के समक्ष पेश की जांच रिपोर्ट
जांच में रतलाम निवासी कुलदीप सिंह चौहान की भूमिका सामने आई, जिसने बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो से शहर में रेकी की थी. उसने कारोबारियों के फोटो, वीडियो और मोबाइल नंबर जुटाकर राजपाल चंद्रावत को भेजे, जो वसूली का नेटवर्क संचालित कर रहा था. क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में बताया कि कुलदीप के जरिए विवेक दम्मानी, रंजन मित्तल, दिलीप राठौर, कुंवर सिंह और चेतन सिंह की रेकी की गई थी. इन सभी को डराने के लिए फायरिंग की तैयारी थी और 5 से 15 करोड़ रुपए की मांग की गई थी. दम्मानी को तो उनके बेटे को गोली मारने तक की धमकी दी गई थी.
गैंग के इन बदमाशों की हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक गैंग द्वारा संजय मोगरा, रंजन मित्तल, चेतन सिंह, कुंवर सिंह और एक निजी अस्पताल संचालक को भी धमकियां दी गई थीं. डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में अब तक 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश राहुल उर्फ बाबा सहित राजपाल चंद्रावत, सोनू उर्फ रितेश खंगार, सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा, नाना उर्फ रोहित बर्रा और कुलदीप चौहान को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है
