
जबलपुर। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के पाँचवें दिन का आयोजन अत्यंत भव्य और भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। प्रातःकाल पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा, नित्यमह पूजन व शांति हवन के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद युवावस्था में आदिकुमार की बारात और विवाह का दिव्य मंचन हुआ, जिसमें श्रद्धालु झूमते नजर आए। इसके उपरांत आदिकुमार का चक्रवर्ती अभिषेक, दीक्षा-अभिषेक और राज्याभिषेक की विधि सम्पन्न हुई। महाराज नाभिराय द्वारा युवराज आदिकुमार को मुकुट पहनाए जाने का दृश्य विशेष आकर्षण रहा। गजरथ स्थल अयोध्या नगरी की भांति सजा हुआ प्रतीत हो रहा था। आचार्यश्री ने अपनी मंगल देशना में भगवान ऋषभदेव के अद्भुत अवतार, अवधिज्ञान, वीतरागता एवं दीर्घ तप की चर्या का वर्णन करते हुए दीक्षा कल्याणक का महत्व बताया।
परंपरा के अनुसार सौंपे पिच्छी व कमण्डल
वैराग्य भाव के उदय के साथ आदिकुमार द्वारा राजपाट त्यागकर वनगमन का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया गया। दोपहर 3 बजे आचार्य समयसागर महाराज ने दीक्षा मंत्रों के साथ आदिकुमार को मुनि 108 ऋषभ सागर महाराज के रूप में दीक्षित किया। उन्हें दिगंबर परंपरा के अनुसार पिच्छी व कमण्डल सौंपे गए।
स्वास्थ्य शिविर 7 दिसंबर तक जारी
इस अवसर पर जैन डॉक्टर एसोसिएशन द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जो 7 दिसंबर तक चलेगा। डीन डॉ. नवनीत सक्सेना और अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
