
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे के दौरान नीट परीक्षा विवाद को लेकर आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा घोटाले पर जवाबदेही तय करने से बच रही है और लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
पटवारी ने कहा कि छात्रों और युवा संगठनों की चिंताओं का समाधान करने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं हो सकता।”
नीट पेपर लीक विवाद का उल्लेख करते हुए पटवारी ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की भूमिका पर स्पष्ट जवाब मांगा। उनका कहना था कि 21 जून को प्रस्तावित पुनर्परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों की छपाई, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन तक कड़ी निगरानी की जा रही है, जिससे यह सवाल उठता है कि पहले ऐसी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी।
पटवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से पूछा कि पेपर लीक कैसे हुआ, कथित परीक्षा माफिया को संरक्षण किसने दिया, दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और क्या सरकार 21 जून की परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष एवं सुरक्षित कराने की गारंटी दे सकती है। कांग्रेस नेता ने प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, एनएसयूआई उपाध्यक्ष रवि परमार, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया सहित कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की भी कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी और छात्रों, युवाओं तथा रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
