पीलूखेड़ी: रामगंजमंडी-भोपाल रेल परियोजना के तहत अब भोपाल खंड यानी ब्यावरा से भोपाल के बीच भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. राजगढ़ से रामगंजमंडी तक सर्वे, ट्रैक परीक्षण और स्टेशनों पर ट्रायल ट्रेन की प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शुक्रवार को भोपाल मंडल के हिस्से में पहला सीआरएस सर्वे किया गया.पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल के डीआरएम पंकज त्यागी ने विशेष निरीक्षण ट्रेन से कुरावर-श्यामपुर रेलखंड का भौतिक सत्यापन किया. इस दौरान रेलवे ट्रैक, सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया. निरीक्षण के बाद डीआरएम ने हरी झंडी देते हुए बताया कि परियोजना के तकनीकी कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.
डीआरएम ने कहा कि ब्यावरा से भोपाल के बीच रेल संचालन दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि भोपाल से कोटा तक ट्रेन संचालन वर्ष 2027 में शुरू होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि परियोजना के अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं और शेष काम 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है. सभी तकनीकी औपचारिकताएं समय पर पूरी होने के बाद जनवरी 2027 से भोपाल-कोटा रेल कनेक्टिविटी शुरू हो सकती है.
निरीक्षण ट्रेन के कुरावर स्टेशन पहुंचने पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी स्टेशन पर पहुंचे. महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने ट्रेन को नजदीक से देखा और इस परियोजना को लेकर खुशी जताई. स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा, रोजगार और आवागमन के नए अवसर बढ़ेंगे.रामगंजमंडी-भोपाल रेल परियोजना को लेकर अब क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी उम्मीदें पूरी होती नजर आ रही हैं और लोगों को जनवरी 2027 में पहली यात्री ट्रेन की सीटी सुनाई देने का इंतजार है.
