सिंगरौली: सड़क हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम करना अब लोगों को भारी पड़ सकता है। बरगवां थाना क्षेत्र के बेटहाडांड़ में हुए सड़क हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा किए गए चक्काजाम मामले में पुलिस ने 30 से अधिक लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को बेटहाडांड़ में एक ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक सीताराम पाल की मौत हो गई थी। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का शव राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते लगभग पांच घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस के अनुसार सड़क जाम के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात बहाल करने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।बरगवां थाना पुलिस ने मामले में राजू वैश्य, रामदेव पाल, कमल कुशवाहा, सुरेंद्र कुशवाहा, श्यामधारी कुशवाहा, रामानुज पाल सहित 30 से अधिक लोगों को नामजद एवं अन्य के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
सड़क जाम करना अवैधानिक : एसपी
पुलिस अधीक्षक सियाज के.एम. ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक सड़क या राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करना कानूनन उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क जाम होने से आम जनता, मरीजों और आपातकालीन सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालयों द्वारा भी सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध कर आंदोलन या प्रदर्शन करने पर रोक संबंधी निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में भविष्य में भी सड़क जाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल बरगवां पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और चक्काजाम में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
