इंदौर: लगता है पूरा इंदौर शहर इस बार बारिश में गांव की सड़कों यानि कीचड़, गाद और ऊबड़-खाबड़ सड़कों का आनंद लेगा. निगम ने बारिश के पहले शहर की दुर्गति करने की तैयारी कर दी है. हालत यह है कि छह माह पहले शहर की गली गली में नर्मदा लाइन के लिए खुदाई की गई थी, जिसके गड्ढे आज तक नहीं भरे है. उनका पेंचवर्क भी नहीं किया गया है. निगम ने बारिश के पहले शहर की कई गलियों और मोहल्लों की मुख्य सड़कों पर ड्रेनेज की खुदाई शुरू कर दी है. ड्रेनेज के लिए सीमेंट की सड़कों को बीच में से खोदा जा रहा है, ताकि फिर से सड़क निर्माण का टेंडर जारी कर सके.
शहर में एक ही काम को कई बार कैसे करते है? यह सीखना हो तो नगर निगम से अच्छी और बेहतर जगह कोई नहीं है. यह बात इसलिए कही जा सकती है कि शहर के लगभग हर वार्ड की मुख्य सड़कों और गलियों में खुदाई हो रही है. खुदाई भी सीमेंट कांक्रीट की सड़कों की की जा रही है. नगर निगम ने दो दिन पूर्व नेहरू नगर जीण माता मंदिर वाली गली, कलेक्टर कार्यालय के साइड में होमगार्ड वाली गली, स्कीम 71 रणजीत हनुमान के आगे वाली गली, प्रेस कॉम्प्लेक्स के पीछे, छोटा बांगड़दा सहित सैकड़ों की संख्या में गलियों और मोहल्लों में खोद दिया है. वह भी तब, जब बारिश शुरू होने में कुछ दिन बचे है. शहर में बारिश के दौरान खुदी सड़कें और गलियों में कितना कीचड़ गादा होगा? इसको जनता और क्षेत्र रहवासी ही महसूस करेंगे.
यातायात भी जाम हो रहा
अभी पिछले कुछ दिनों से पाटनीपुरा, मालवा मिल, राजकुमार ब्रिज, भंडारी ब्रिज सहित कई शहर के मुख्य मार्गों पर खुदाई के कारण यातायात जाम हो रहा है. अधिकांश जगहों पर बनी बनाई सीमेंट सड़कों को खोदा जा रहा है. एक बात और ध्यान देने वाली यह है कि करीब छह महीने पहले ही शहर के सभी इलाकों में नर्मदा लाइन कर लिए सीमेंट के सड़कों को नुकसान पहुंचाया गया है. आज कई जगहों पर सड़कों का पेंच वर्क नहीं किया गया है.
कहते है जिम्मेदार
निगम जलकार्य एवं ड्रेनेज प्रभारी अभिषेक शर्मा ने कहा कि शहर में गंदे पानी की समस्या बहुत जगह पर है. उन स्थानों पर सीवरेज लाइन डाली या बदली जा रही है. साथ ही 29 गांव में भी पानी और ड्रेनेज का नेटवर्क नही है तो उस पर कार्य किया जा रहा है. बारिश एक लिए एजेंसियों और अधिकारियों को बेरीकेट्स लगाने का कहा है
