लहूलुहान फरियादी को लॉकअप में डालने वाला एसआई हुआ सस्पेंड

जबलपुर: बेलखेड़ा थाना अंतर्गत पिपरिया कला में हमले के बाद लहुलुहा हुए फरियादी को बेवजह लॉकअप में रखने और एफआईआर दर्ज करने में देरी करने वाले ड्यूटी ऑफिसर एसआई बलवीर सिंह को पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। समय पर इलाज न मिलने पर पीडि़त की मौत हुई थी । मामले में पुलिस ने हत्या की धाराएं भी बढ़ा दी है। इसके साथ ही आरोपियों की तलाश जारी है लेकिन फिलहाल कातिल पुलिस गिरफ्त से दूर है।

विदित हो कि पिपरिया कला निवासी इंदर सिंह घोषी का 8 जून की रात लगभग 9 बजे गांव के चंदू लोधी, हेमराज लोधी, चरन सिंह लोधी और रामफल लोधी से उधारी के पैसों को लेकर विवाद हुआ था। उस समय उसके भाई उमेश ने बीच-बचाव किया था। दोनों भाई घर लौट आए। रात करीब 10 बजे चारों आरोपी लाठी-डंडे और लोहे के राइजर पाइप लेकर उमेश के घर के आंगन में घुस गए थे । इसके बाद इंदर पर हमला कर दिया था जिसे उसके सिर में गंभीर चोटें आ गई थी ।

बीच बचाव के दौरान उसके भाई उमेश, भाभी बिग्गो बाई पर भी हमला कर आरोपियों ने घायल कर दिया था। घटना के बाद परिजन गंभीर रूप से घायल इंदर को खून से लथपथ हालात में तुरंत बेलखेड़ा थाने लेकर पहुंचे थे। दूसरा पक्ष भी थाने पहुंंचा था जिसके इशारे पर ड्यूटी ऑफिसर एसआई बलवीर सिंह ने अपराधियों पर कार्रवाई करने की बजाय उल्टे पीडि़त पक्ष पर ही रौब झाड़ा था। पुलिस ने इंदर की एफआईआर दर्ज नहीं की थी और उसे तड़पती हालत में घंटों लॉकअप में बंद रखा था। इस दौरान इंदर के सिर में चोट थी। लहू बहता रहा था। युवक उल्टियां करता रहा औ फर्श पर खून बहता रहा।

जब इंदर की हालत बेहद नाजुक हो गई, तब उसे अस्पताल भेजा गया था। परिजन मंगलवार को एसपी ऑफिस कार्यालय पहुंचे थे जहां उन्होंने न्याय की गुहार लगाई थी । इसके बाद प्रकरण दर्ज किया था । बुधवार को इंदर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। जिसके बाद आक्रोश फैल गया था। सैकड़ों ग्रामीणों और परिजनों ने बेलखेड़ा थाने को घेर लिया था। शव को रखकर प्रदर्शन किया था । परिजनों का आरोप रहा कि इंदर की मौत चोटों से ज्यादा पुलिस की लापरवाही, उसे बेवजह लॉकअप में रखने और समय पर इलाज न मिलने के कारण हुई है। आक्रोशिज दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए थे। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे जिन्होंने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था जिसके बाद परिजन माने थे और प्रदर्शन समाप्त हुआ था इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हुए थे।
जांच रिपोर्ट सौंपते ही गिरी गाज
मामले में पुलिस ने पहले आरोपियों के खिलाफ धारा 296(ए), 115(2), 118(1), 329(4), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया था। बुधवार को युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरूवार को पुलिस ने हत्या की धाराएं बढ़ा दी। एसडीओपी लोकेश डाबर ने मामले की जांच की । जिसमें फरियादी को बेवजह लॉकअप में रखने और देरी से एफआईआर दर्ज करने की बात सामने आई । एसडीओपी ने जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी। जिसके बाद विभागीय कार्रवाई कर दी। आरोपियों से याराना निभाने वाले एसआई बलवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Next Post

मैदानी हकीकत जानने निकले एमडी, व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

Fri Jun 12 , 2026
इंदौर: मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह का गुरुवार को एयरपोर्ट बिजली जोन और पोलोग्राउंड स्थित ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट का दौरा कई सवाल छोड़ गया. निरीक्षण के दौरान बिजली वितरण, उपभोक्ता शिकायतों के निपटारे, राजस्व वसूली और सेवा संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई, […]

You May Like