जियो मिलर एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को किया गया ब्लैकलिस्ट

छिंदवाड़ा। शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत संचालित जलप्रदाय कार्य में गंभीर देरी और लापरवाही सामने आई है। जिस पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कार्य में प्रगति नहीं होने और तय समय-सीमा का पालन नहीं किए जाने के कारण ठेकेदार जियो मिलर एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमृत 2.0 योजना के तहत जलप्रदाय कार्य की निविदा में कंपनी की न्यूनतम दर को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति से मंजूरी मिलने के बाद 9 अक्टूबर 2024 को कंपनी के साथ अनुबंध किया गया था और कार्यादेश जारी किया गया था। योजना के अनुसार कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन अनुबंध के करीब डेढ़ वर्ष बाद भी निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी रही और कंपनी केवल लगभग 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा कर सकी। गौरतलब है कि अमृत 2.0 योजना के माध्यम से शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों तक नियमित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में परियोजना में हुई देरी को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए यह कठोर कार्रवाई की है।

पेयजल सुविधाओं पर पड़ रहा असर ००००००

नगर निगम प्रशासन के अनुसार जलप्रदाय परियोजना में हो रही देरी का सीधा असर शहर के नागरिकों को मिलने वाली पेयजल सुविधाओं पर पड़ रहा है। समय पर योजना पूरी नहीं होने से आम जनता को पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही माना गया है।

कम्पनी ने नही रखा अपना पक्ष ०००००

लोक निर्माण विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी आदेश में निहित प्रावधानों के तहत कंपनी के पंजीयन क्रमांक पीडब्ल्युडी200043195 को एक वर्ष की अवधि अथवा कार्य पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। हालांकि, प्रशासन द्वारा संबंधित कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया है। कंपनी इस निर्णय के संबंध में अपना अभ्यावेदन आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

इनका कहना है…

अमृत 2.0 जैसी महत्वपूर्ण योजना में ठेकेदार द्वारा अपेक्षित गति से कार्य नहीं किया गया, जिससे शासन की मंशा और आम नागरिकों की अपेक्षाओं को नुकसान पहुंचा है। इस कारण कंपनी के खिलाफ कार्यवाही की गई है।

सी.पी. राय, आयुक्त नगर निगम छिंदवाड़ा

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