दोहा, 11 जून (वार्ता) अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तकरार और बढ़ते तनाव को कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों के तहत कतर का एक मध्यस्थता प्रतिनिधिमंडल तेहरान में बातचीत कर गुरुवार सुबह वापस दोहा लौट आया ।
यह राजनयिक हलचल ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच एक बार फिर सैन्य हमले तेज हो गए हैं।
कतर के एक अधिकारी ने सीबीएस न्यूज को बताया कि प्रतिनिधिमंडल ईरान की राजधानी तेहरान में देर रात तक चली बैठकों के बाद गुरुवार सुबह दोहा पहुंचा। यह वार्ता बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच हुई है। दरअसल, बुधवार को अमेरिका के ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति वाले क्षेत्रों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए थे।
इस ताजा सैन्य टकराव के बावजूद कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थ दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक बिगड़ने से रोकने और एक व्यापक समझौते पर पहुंचने के उद्देश्य से बातचीत को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। इससे पहले, जब तक विदेशी राजनयिक दोनों पक्षों के बीच कोई रास्ता निकालने के लिए ईरान में मौजूद थे, तब तक अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई से परहेज किया था। लेकिन उनके निकलते ही यह नया संघर्ष शुरू हो गया।
कतर ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए इन मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा करते हुए सोशल मीडिया पर एक बयान भी जारी किया है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान से आए बयानों के अनुसार, बेहद चुनौतीपूर्ण राजनयिक माहौल के बावजूद वह मध्यस्थता के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल है। गुरुवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने स्वीकार किया कि हालिया घटनाओं ने बातचीत के जरिए समाधान की संभावनाओं को जटिल बना दिया है। श्री अंद्राबी ने कहा, “शत्रुता के इस नए दौर के बीच आशावादी होना बेहद कठिन है”।
हालांकि, ईरान के आक्रामक रुख के बावजूद उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच मतभेदों को पाटने के अपने प्रयासों को बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा, “हमने उम्मीद नहीं खोई है, हम अभी भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं”।
