सौसर: बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने रेलवे प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी। मानसून की पहली ही बारिश में शहर में स्थित रेलवे अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया। अंडरपास में कई फीट पानी भर जाने के कारण यहाँ से गुजरने वाले लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेलवे अधिकारियों की घोर अनदेखी और बारिश से पूर्व पानी की निकासी के उचित प्रबंध न किए जाने के कारण यह नौबत आई है।
इन प्रमुख मार्गों और संस्थानों का आवागमन प्रभावित
गौरतलब है कि यह रेलवे अंडरपास शहर की जीवन रेखा से जुड़ा हुआ है। पानी भरने के कारण निम्नलिखित क्षेत्रों का संपर्क मुख्य शहर से पूरी तरह प्रभावित रहा जिसमें सिविल अस्पताल जाने वाले मरीज, आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज, साइंस कॉलेज नीमनी, कढ़ैया के ग्रामीण,आदिवासी छात्रावास के छात्र-छात्राएं ,श्रीराम कॉलोनी, और नीमनी रोड पर बसी विभिन्न कॉलोनियों के रहवासी। इसके अलावा पैदल चलने वाली महिलाओं, स्कूली बच्चों और कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी तरह कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे लोगों को धक्का मारकर गाड़ियां बाहर निकालनी पड़ीं।
नागरिकों ने की सुचारु व्यवस्था की मांग
क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन रेलवे अधिकारी इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं खोज रहे हैं। बहरहाल, परेशान नागरिकों ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि अंडरपास से पानी निकासी की तत्काल व्यवस्था की जाए ताकि आवागमन सुचारु हो सके और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
