नई दिल्ली | स्पाइसजेट के कर्मचारी इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पायलटों, इंजीनियरों, ग्राउंड स्टाफ और केबिन क्रू सहित एयरलाइन के अधिकांश कर्मचारियों को अप्रैल महीने से वेतन नहीं मिला है। आंतरिक संचार और व्हाट्सएप संदेशों के अनुसार, बकाया वेतन को लेकर कर्मचारियों में जबरदस्त चिंता और असंतोष व्याप्त है। एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी स्थिति पर चिंता जताते हुए पायलटों की सुरक्षा और वित्तीय संकट के प्रति नियामकों की उदासीनता की आलोचना की है।
आपातकालीन फंड और विस्तार की चुनौती
एक ओर जहाँ एयरलाइन का परिचालन प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्पाइसजेट वित्तीय संकट से निपटने के लिए सरकारी ऋण योजना के तहत आपातकालीन सहायता की मांग कर रही है। गंभीर वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने अपने बेड़े का विस्तार करने और नए विमानों को सेवा में शामिल करने की घोषणा की है। हालाँकि, एयरलाइन की उड़ानें जनवरी की तुलना में मई में काफी कम हुई हैं और शेयर की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बार-बार वित्तीय संकट का दंश
स्पाइसजेट पिछले एक दशक से लगातार वित्तीय अस्थिरता का सामना कर रही है। पूर्व में भी महामारी और विमानों की ग्राउंडिंग के कारण एयरलाइन कर्मचारियों को वेतन भुगतान में देरी झेलनी पड़ी है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों ने भुगतान में चूक के लिए नोटिस जारी किए हैं। फिलहाल, एयरलाइन अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने और पेंडिंग वेतन चुकाने की जद्दोजहद में लगी हुई है।

