रीवा: संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रही है. मरीजो को कभी स्ट्रेचर-व्हील चेयर नही मिलती तो कभी उन्हे सीढियो से चढक़र जाना पड़ता है. लिफ्ट की व्यवस्था का लाभ मरीजो और उनके परिजनो को नही मिल रहा. तीन बड़ी लिफ्ट बंद पड़ी है. रीवा संभाग के सबसे बड़े संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में लिफ्ट सेवा बदहाल है. मरीजों की सुविधा के लिए लगी 5 बड़ी लिफ्टों में से 3 पूरी तरह बंद पड़ी हैं. सिर्फ 2 लिफ्ट चालू होने से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
चार मंजिला अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से मरीजों को रैंप के रास्ते ले जाना पड़ रहा है, जिससे अटेंडर बेहद परेशान है. हैरानी की बात है कि कुछ समय पहले ही मरीजों की सहूलियत के लिए 3 नई बड़ी लिफ्टें लगवाई गई थी. लेकिन इनमें से एक नई लिफ्ट के साथ ही 2 पुरानी लिफ्ट भी बंद हैं. वर्तमान में सिर्फ 2 बड़ी लिफ्ट ही चालू हालत में हैं. इस अव्यवस्था के कारण गंभीर मरीजों को ऊपर-नीचे ले जाने में भारी दिक्कत हो रही है. अस्पताल में कुल मिलाकर 2 छोटी और 5 बड़ी मिलाकर 7 लिफ्ट हैं.
चिकित्सकों और स्टाफ के लिए लगी दोनों छोटी लिफ्टें चालू हैं, लेकिन मरीजों के लिए बनी 5 बड़ी लिफ्टों में से सिर्फ 2 ही काम कर रही हैं. इस तरह कुल 7 में से सिर्फ 4 लिफ्ट ही संचालित हैं. यदि सभी लिफ्ट चालू हो जाएं तो मरीजों का लंबा इंतजार खत्म हो सकता है. लिफ्ट सेवा सुचारू रूप से संचालित न होने की वजह से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. परिजनों को मरीजों को सीढिय़ों या रैंप से खींचकर ले जाना पड़ रहा है. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से इलाज के लिए आए मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं
